हल्द्वानी। रानीखेत-अल्मोड़ा के बीच 2003 में तीन सिपाहियों की गोली मारकर हत्या करने वाले शातिर राजेंद्र सिंह रावत की बांदा में गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम बांदा भेजी गई है। बैलपड़ाव से लूटी गई स्कॉर्पियो के बांदा की वारदात में इस्तेमाल होने के बात सामने आने पर पुलिस हरकत में आई है। पुलिस का मानना है कि राजेंद्र के तार हल्द्वानी से भी जुड़े हैं। हालांकि आईजी रेंज पूरन सिंह रावत का कहना है कि अभी पुलिस टीम मध्य प्रदेश गई है। टीम के लौटने पर पूरी स्थिति का पता चलेगा।
भोटिया पड़ाव वाहन स्टैंड पर 12 सितंबर की सुबह यात्री बनकर आए तीन लुटेरों ने दो हजार में रामनगर जाने के लिए स्कॉर्पियो बुक कराई थी। रास्ते में लुटेरों ने चालक राजेंद्र कुमार राणा को हाथ पैर बांधकर फेंक दिया था और स्कॉर्पियो लेकर भाग गए थे। इस मामले में कालाढूंगी थाने में मुकदमा दर्ज है। बदमाशों ने स्कॉर्पियो का प्रयोग बांदा के व्यवसायी के अपहरण में किया था। पुलिसकर्मियों के बीच चर्चा है कि 2003 में अल्मोड़ा के तीन सिपाहियों की हत्या के बाद राजेंद्र सिंह गिरफ्तार हुआ था। छानबीन से पता चला कि गिरफ्तार राजेंद्र का संबंध टैक्सी चालक, पुलिसकर्मियों से था, जो उसकी मदद करते थे। इस मामले में पुलिस की एक टीम बांदा भेजी गई है। नैनीताल पुलिस बांदा से जानकारी लेकर स्थानीय मददगारों की छानबीन करेगी। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव का कहना है कि अभी जानकारी आधी अधूरी है। बांदा पुलिस से नैनीताल पुलिस संपर्क में है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।