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वन दरोगा को गिरफ्तार कराने वाले परेशान

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हल्द्वानी। एक लाख रुपये घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार वन दरोगा तीन माह से जेल में बंद है। इस मामले में रेंजर को डीएफओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। रेंजर सहित अन्य उच्चाधिकारियों की जांच चल रही है लेकिन वन दरोगा को गिरफ्तार कराने वाले डंपर मालिक परेशान हैं। एसपी विजिलेंस के पत्र भेजने के बावजूद शिकायतकर्ता के डंपर नहीं छूट सके हैं।
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ऊधमसिंह नगर के शिकायतकर्ता फईम अहमद की शिकायत पर विजलेंस की टीम ने दो अप्रैल 19 को विजलेंस की टीम ने रामनगर के भवानीगंज चौराहे पर एक लाख घूस लेते समय जसपुर निवासी वन दरोगा शैलेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि वन दरोगा गुलजारपुर वन चौकी तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर में तैनात है। विजिलेंस विभाग ने मुकदमा दर्ज कर अदालत के आदेश पर वन दरोगा को जेल भेज दिया। शिकायत कर्ता फईम अहमद ने सतर्कता विभाग के एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि सात मार्च 19 को बंजारी गेट रामनगर से वन विभाग की टीम ने उसके और साथी नियाज अली के कई डंपर सीज किए थे। इन डंपरों को छुड़वाने के लिए दोनों ने रेंजर से मुलाकात की तो उन्होंने वन दरोगा शैलेंद्र चौहान से मिलने की सलाह दी। वन दरोगा शैलेंद्र चौहान ने उनसे दो लाख रुपये घूस देने पर डंपर छोड़ने का आश्वासन दिया था। वन दरोगा ने सिर्फ 50 हजार की रसीद देने की बात कही थी। वन दरोगा के जेल जाने के बाद एसपी विजिलेंस अमित श्रीवास्तव (द्वितीय) ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को पत्र भेजकर डंपरों का निस्तारण करने का अनुरोध किया लेकिन वन विभाग के डीएफओ ने कोई जवाब नहीं दिया। अभी विजिलेंस विभाग उच्चाधिकारियों की भूमिका की जांच कर रहा है लेकिन पता नहीं चला है कि इस जांच के दायरे में कितने अधिकारी हैं।
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