हल्द्वानी। मल्ला गोरखपुर में किराए के कमरे में रह रहे महेश चंद्र की शुक्रवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि वह छत पर चढ़कर अजीबोगरीब हरकत कर रहा था। बेस अस्पताल में उसका इलाज कराया गया, लेकिन एसटीएच पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।
ओखलकांडा धारी मुक्तेश्वर निवासी महेश चंद्र (26) पुत्र स्वर्गीय मोती राम मल्ला गोरखपुर में पारस भसीन के मकान में रहकर मुखानी स्थित कैफे में काम करता था। पारस के अनुसार रात साढ़े दस बजे महेश छत पर चढ़कर अजीबोगरीब हरकत करने लगा। कूदफांद करते देखकर परिवार के लोग उसे ई रिक्शा से लेकर बेस अस्पताल गए। यहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे एसटीएच के लिए रेफर कर दिया। एसटीएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मेडिकल चौकी पुलिस ने मकान मालिक और परिजनों से पूछताछ की। महेश के जीजा कृष्ण चंद्र ने बताया कि वह करीब छह साल से मल्ला गोरखपुर में रहकर जॉब करता था। उसकी मौत किन कारणों के चलते हुई है, अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। उन्होंने आशंका जताई है कि उसे जहर दिया गया है। हालांकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहने की बात कह रही है।
मल्ला गोरखपुर में युवक की संदिग्ध हालात में मौत
मकान मालिक बोले-रात में छत पर कर रहा था अजीबोगरीब हरकत
घर का इकलौता चिराग बुझा
हल्द्वानी। महेश चंद्र के माता-पिता की दस साल पहले ही मौत हो गई थी। वह इकलौता बेटा था। बड़ी बहन लता की शादी हो चुकी है। उसे चाचा जगदीश चंद्र ने पाला और नौकरी करने के लिए वह हल्द्वानी भेजा। जीजा कृष्ण चंद्र बताते हैं कि महेश नशा भी नहीं करता था। कमरे में जाकर देखने पर भी कोई ऐसी वस्तु नहीं मिली, जिसके आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।