रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज कराने के लिए लाया गया बंदी हथकड़ी लेकर भाग गया। हालांकि पुलिसकर्मियों ने उसे दौड़ाकर कैंटीन के पास धर दबोचा। पकड़े जाने पर उसने एक सिपाही को थप्पड़ जड़ दिया। जेल कर्मियों का कहना था कि किशोर बंदी की हरकत से बैरक के अन्य बंदी परेशान हैं।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने बताया कि ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर क्षेत्र का रहने वाला किशोर बंदी 27 मई से हल्द्वानी जेल में बंद हैं। उसके खिलाफ अपनी बहन के साथ दुष्कर्म के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। बृहस्पतिवार को उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह अधिकारी और अन्य सिपाही इलाज कराने के लिए उसे लेकर एसटीएच पहुंचे। मानसिक रूप से बीमार होने के कारण उसे मनोचिकित्सक को ओपीडी में दिखाना था। अचानक सिपाही के हाथ से बंदी की हथकड़ी की रस्सी छूट गई। मौका देखकर बंदी हथकड़ी समेत भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने शोर मचाते हुए उसका पीछा किया और कैंटीन के पास पकड़ लिया। किसी प्रकार पुलिसकर्मी उसे जेल लेकर आए। बंदीरक्षकों का कहना था कि उसे बैरक संख्या एक में रखा गया है। रात के समय किशोर बंदी किसी को सोने नहीं देता है। बैरक मेें चार बंदी उसकी निगरानी करते हैं।
अस्पताल से भागा बंदी, पकड़ने पर सिपाही को जड़ दिया थप्पड़
मानसिक रूप से बीमार किशोर बंदी की हरकत से सब हैरान