हल्द्वानी। स्क्रैच कार्ड के नाम पर आम जनता को ठग रही महिला गिरोह की तीन सदस्यों को एसटीएच ने बुधवार की शाम धर दबोचा। एसटीएफ ने महिलाओं के कब्जे से 1924 स्क्रैच कार्ड, 1500 प्रोडक्ट सूची, दो रजिस्टर बरामद बरामद किया है। पूछताछ से पता चला कि गिरोह की महिलाएं पांच सौ रुपये में कार्ड स्क्रैच करने के बाद कीमती सामान देने का दावा करती थी। अभी तक एक भी व्यक्ति को सामान नहीं मिलने पर पुलिस तक शिकायत पहुंची है।
एसटीएफ इकोनामिक आफेंसिव विंग के निरीक्षक एम पी सिंह ने बताया कि एसटीएफ की डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने अवैध कार्य में लिप्त गिरोह को पकड़ने के निर्देश दिए थे। एसटीएफ को शिकायत मिली थी कि तीन महिलाएं घर-घर जाकर स्काई स्टार शॉप का स्क्रैच कार्ड लोगों को दिखाती है। सब्जबाग दिखाती है कि 500 रुपये का एक कार्ड स्क्रैच करने पर कीमती प्रोडक्ट उपलब्ध कराया जाएगा। महिलाओं ने अपना नंबर भी उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया था। स्क्रैच के बाद महिलाओं से संपर्क करने पर मोबाइल नंबर स्विच आफ मिलता था। एसटीएफ ने जांच में पाया कि ठगी में लिप्त महिलाएं दुर्गा कालोनी, उत्तर गौजाजाली बरेली रोड में विनोद कुमार गुप्ता के मकान में किराए पर एक माह से रह रही हैं। सूचना के आधार पर एसटीएफ के उपनिरीक्षक पंकज बेलवाल, दीपक अरोड़ा दुर्गा सिंह पापड़ा की टीम ने तीनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया। पकड़ी गई महिलाओं में कानपुर (यूपी) जिले के नारायण पूर्वा मरियमपुर अस्पताल के पास रंजीतनगर निवासी वंदना तिवारी पुत्र देवी प्रसाद, टिहरी गढ़वाल जिले के पंज्पूर चंबा निवासी नीलम पुत्री किशन सिंह और बदायूं (यूपी) जिले के भटपुरा निवासी शशि पुत्री नारायण शामिल हैं। महिलाओं के खिलाफ छड़ायल की रहने वाली हिना रजवार ने मुखानी थाने में और इंद्रप्रस्थ फेज -2 डहरिया निवासी दयानंद जोशी ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस इस मामले में महिलाओं के साथी रेहान की तलाश कर रही है।
ठग गिरोह की तीन महिलाएं एसटीएफ के हत्थे चढ़ी
1924 स्क्रैच कार्ड, 1500 प्रोडक्ट सूची, दो रजिस्टर बरामद
स्क्रैच कार्ड के बदले सामान देने का झांसा देकर ठगी करने का आरोप
छह सालों से ठगी कर रहा गिरोह
एसटीएफ टीम में शामिल लोगों का कहना है कि महिलाओं का गिरोह छह सालों से ठगी में लिप्त है। जांच से चला कि गिरोह ने कानपुर जिले में एक माह के दौरान 200, देहरादून में दो माह के दौरान 200, बिजनौर में चार माह के दौरान 400 और गाजियाबाद में एक माह में 200 लोगों को अपना शिकार बनाया था। वर्ष 2018 में मुरादाबाद में 300 और रामपुर में 200 लोगों को ठगी का शिकार बनाया। वर्ष 2019 में मेरठ में 300 और हल्द्वानी में 500 लोगों को ठगकर लाखों रुपये ऐंठ लिया। यह गिरोह एक जिले में दो या तीन माह ही रहता है।
दो लाख 80 हजार की धोखाधड़ी
हल्द्वानी। आजादनगर लालकुआं निवासी गिरीश सिंह बिष्ट ने तहरीर दी कि उनकी पत्नी ममता बिष्ट अनंत निधि क्रेडिट सोसाइटी स्कीम के तहत झांसा देकर दो लाख 80 हजार रुपये जमा कराया गया। स्कीम की अवधि पूरा होने पर अब सोसाइटी के प्रमुख नितेश श्रीवास्तव ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने धारा 420 और 406 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।