हल्द्वानी। मंगलपड़ाव क्षेत्र में विद्युत लाइन में काम करने के दौरान करंट फैलने से ठेकेदार के दो श्रमिक झुलस गए। निजी अस्पताल में इलाज के बाद दोनों को छुट्टी दे दी गई। ऊर्जा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिस व्यक्ति के घर से करंट फैला, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार सुबह मंगल पड़ाव क्षेत्र में एक निजी क्लीनिक के पास ठेकेदार के श्रमिक 11 केवी लाइन में एरियर बंच केबल (एबीसी) डालने का काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक श्रमिक रंजन मंडल पास के पोल में चढ़कर काम कर रहा था, तभी करंट लगने से वह पोल से चिपक गया। रंजन की चीख पुकार सुनकर दूसरे श्रमिक अमित ने उसे छुड़ाने का प्रयास किया तो वह भी करंट की चपेट में आ गया। किसी तरह दोनों को पोल से हटाने के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता (नगर) डीके जोशी ने बताया कि जिस वक्त उक्त श्रमिक 11 केवी लाइन में काम कर रहे थे, उस वक्त ठेकेदार ने शट डाउन लिया था। उन्होंने बताया कि कई बार आसपास के क्षेत्रों में लगे विद्युत उपकरणों जनरेटर अथवा उच्च क्षमता के इन्वर्टरों से करंट वापस पोल की ओर लौट जाता है, इससे काम कर रहे व्यक्ति को करंट लग जाता है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कुछ ऐसी ही स्थिति यहां भी हुई हो। अधिशासी अभियंता ने कहा कि पूछताछ में एक क्लीनिक में लगे विद्युत उपकरण से करंट लौटने की बात पता चली है। जिसकी जांच कराई जाएगी। बात सही मिली तो क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी किया जाएगा।
एबीसी केबल डालते वक्त करंट लगने से दो श्रमिक झुलसे
विद्युत उपकरण से लौटा करंट, ऊर्जा निगम ने शुरू की जांच