रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के फर्जी अंकपत्र के मामले में बोर्ड ने जांच आख्या शासन को भेज दी है। इसके बावजूद उत्तराखंड बोर्ड भी फर्जी अंकपत्र प्रकरण की विस्तृत जांच में जुटा है।
यूपी के शिक्षा माफिया ने उत्तराखंड बोर्ड का फर्जी अंकपत्र बना दिया। इससे उत्तराखंड की शिक्षा प्रणाली की व्यवस्था पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया। माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक आरके कुंवर ने बोर्ड से इस प्रकरण में जवाब तलब किया था, जिसमें बोर्ड की ओर से आख्या भेज दी गई है। आख्या में बताया गया है कि शिक्षा माफिया ने उनकी वेबसाइट से छात्र का नाम, प्राप्तांक कॉपी करके फर्जी अंकपत्र बनाया है, जिसमें बोर्ड दोषी नहीं है जबकि अंकपत्र बोर्ड की ओर से छपवाए जाते हैं। इससे साफ है कि शिक्षा माफिया के पास उत्तराखंड बोर्ड के अन्य अंकपत्र भी हैं, जिनके आधार पर वह फर्जी अंकपत्र जारी कर रहा है। इसके बावजूद बोर्ड के अधिकारी कुछ नहीं बता रहे हैं। बोर्ड संयुक्त सचिव बीएमएस रावत ने बताया कि इस प्रकरण में शासन को बोर्ड की ओर आख्या भेज दी गई है। मामले की जांच की जा रही है।
बोर्ड ने शासन को भेजी जांच आख्या
उत्तराखंड बोर्ड भी फर्जी अंकपत्र प्रकरण की जांच में जुटा