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गोशाला में गायों की मौत से भड़के लोग

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बिंदुखत्ता (नैनीताल)। बिंदुखत्ता के शीशम भुजिया नंबर छह में गौरीशंकर गोलोक धाम में चारे पानी के अभाव में छह गायें तड़प तड़प कर मर गईं। दुर्गंध से परेशान ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उनकी गोशाला संचालकों से नोकझोंक भी हुईं। आरोप है कि दोनों संचालकों की लापरवाही से कई और गाय मरणासन्न हालत में हैं। बागेश्वर से बिंदुखत्ता में शिफ्ट किए गए गोलोक धाम (गोशाला) में रविवार को गायों के मरने के बाद ग्रामीणों ने गोशाला संचालकों के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस गोशाला की हालत देखकर हतप्रभ रह गई। गोशाला के भीतर कई पशु मृत अवस्था में पड़े थे और वहां मृत पशुओं से दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने गोशाला संचालकों पर पशु क्रूरता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। कहा कि गोशाला में कई गायें हैं लेकिन उनकी देखभाल के लिए सिर्फ दो लोग हैं, जो ठीक से उनकी देखभाल नहीं करते हैं।
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गोलोक धाम में छह गायों की तड़प तड़प कर मौत
भड़के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, गोशाला संचालकों से नोकझोंक, कार्रवाई की मांग


आरोप प्रत्यारोप
बिंदुखत्ता। गोशाला संचालक शंकर दत्त ने बताया कि अज्ञात बीमारी से गायों की मौत हुई। कई बार बुलाने पर भी पशु चिकित्सक नहीं आए। उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने से ही गायें मर रही हैं। वहीं पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. जुगल किशोर गुप्ता ने बताया कि वह गोशाला में पशुओं का उपचार करते हैं लेकिन अब गायों के मरने की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नीलेंद्र जोशी ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने गोशाला में पशुओं का स्वास्थ्य जांच कर दवाइयां दी थीं। अधिकतर गायों के लीवर में इनफेक्शन था लेकिन गायों की मौत की सूचना उन्हें भी नहीं दी गई।

- इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजेंगे। पशु कल्याण बोर्ड से गोशाला का पंजीकरण तत्काल निरस्त किया जाएगा। साथ ही विधि विशेषज्ञों से राय लेकर गौशाला के संचालकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. पीएस भंडारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, नैनीताल

गोशाला में गायों की देखभाल के लिए दो कर्मचारी है। उनकी लापरवाही से ही गायों की मौत हुई है। पशु चिकित्सक ने भी लापरवाही बरती है, क्योंकि गायों के बीमार होने की सूचना पर भी वह गौशाला में पशुओं के स्वास्थ्य जांच के लिए नहीं पहुंचे। - महेश चंद्र भट्ट, गोशाला संचालक

54 गायों की जिम्मेदारी सिर्फ दो कर्मियों पर
बिंदुखत्ता। गोशाला के कर्मचारी मनोज बिष्ट और शांति बिष्ट ने बताया कि उन्हें सिर्फ चार हजार रुपये वेतन दिया जाता है। 24 घंटे उनसे 54 गायों की देखभाल कराई जाती है। शनिवार और रविवार को छह गायों की मौत हुई हैं और कई बीमार हैं। मनोज ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों से लाकर गायों को इस गोशाला में रखा जाता है।
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