रामनगर (नैनीताल)। रामदत्त जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. टीके पंत ने पहले पोस्टमार्टम कराने के बाद अज्ञात शवों के शिनाख्त का सुझाव दिया है। कोतवाल को भेजे पत्र में लिखा गया है कि अमूमन अज्ञात शवों का पोस्टमार्टम 72 घंटे के बाद ही होता है लेकिन पोस्टमार्टम हाउस में फ्रीजर न होने के कारण शव गलने लगता है। इसकी वजह से साक्ष्य मिटने लगते हैं। जब अज्ञात शवों के पोस्टमार्टम के दौरान कोई साक्ष्य नहीं मिलेगा तो विवेचना कैसे होगी। ऐसे में यदि अज्ञात शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम करा दिया जाए तो साक्ष्य भी नहीं मिटेंगे और पोस्टमार्टम कराने में भी सुविधा होगी। कोतवाल विक्रम सिंह राठौर ने बताया कि अभी उन्हें पत्र नहीं मिला। पत्र मिलने के बाद इस मामले पर विचार किया जाएगा।