रामनगर (नैनीताल)। वन विभाग ने पिछले माह हाईकोर्ट के आदेशों पर ढिकुली, कुमेरिया के रिजॉर्टों से आठ पालतू हाथियों को मुक्त करा लालढांग भेजा था लेकिन इनमें से चार बीमार हाथियों को वापस ले आया गया है। इनमें से दो हाथियों में टीबी की पुष्टि हो गई है जबकि दो अन्य हाथियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
विभाग ने नौ अगस्त को आठ हाथियों को मुक्त करा आमडंडा में रखा था। इन पर करीब 20 लाख रुपये खर्च करने के बाद 28 अगस्त को चार हाथियों को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ भेजा गया, लेकिन हाथियों के बीमार होने पर उन्हें लालढांग में ही रोक दिया गया था। चारों बीमार हाथियों को सोमवार को वापस रामनगर लाकर आमडंडा में रखा गया है। इनमें से दो हाथियों में टीबी की पुष्टि हुई है जबकि दो अन्य हाथियों में भी संक्रमण की आशंका है। इनकी खून की जांच रिपोर्ट आनी है। यहां लाते समय इन हाथियों के अगले पैर पर लोहे की चेन चूड़ी की तरह बंधी थी। शहर के मुख्य मार्ग पर आते समय वन्यजीव प्रेमियों ने पैरों में चेन देखी तो रोष जताया। इस पर कॉर्बेट नेशनल पार्क के वार्डन शिवराज चंद ने बताया कि आरोप की जांच कराई जाएगी। दोषी व्यक्तियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
दो हाथियों को टीबी रोग की पुष्टि, दो की रिपोर्ट का इंतजार
हाथियों को चेन लगाकर सड़क के रास्ते लाने से वन्यजीव प्रेमी नाराज