रामनगर (नैनीताल)। सट्टे की रंजिश को लेकर रामनगर में देर शाम बवाल हो गया। दो गुटों में तनातनी कई दिनों से चल रही थी, बुधवार शाम दोनों पक्षों का सामना हुआ तो मारपीट हो गई। असलहे लहराए गए। इससे भगदड़ मच गई। एक गुट के लोगों ने कोतवाली जाकर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन किया। पुलिस ने एक पक्ष के तीन भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि हमले के आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं।
मोहल्ला बंबाघेर निवासी राहुल वाल्मीकि बुधवार शाम दोस्त मनोज कुमार, गोलू सिद्धार्थ के साथ कार से घर जा रहे थे कि वाल्मीकि मंदिर बंबाघेर के पास सामने से आ रही कार में दूसरे गुट के वसीम के आने पर दोनों गुटों का आमना-सामना हो गया। वहां भगदड़ मचने पर लोग कार्रवाई की मांग को लेकर पास में स्थित कोतवाली पहुंच गए। राहुल ने तहरीर दी। बताया कि मोहल्ले के ही शकील, वसीम, शानू तीनों भाइयों ने गाली गलौज कर पिस्टल से गोली मारने की कोशिश की। वह जान बचाकर घर भागे। आरोप है कि मोहल्ले वासियों से जातिसूचक शब्द कह जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह असलहे लहराते हुए फरार हो गए। राहुल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एससी, एसटी एक्ट समेत 307, 341, 504, 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसमें शकील, वसीम, शानू तीनों भाइयों को नामजद किया गया। पुलिस ने वसीम और शानू को गिरफ्तार कर शकील की तलाश शुरू कर दी है। सीओ लोकजीत सिंह ने बताया कि किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। सक्रिय अपराधियों पर गुंडा एक्ट, जिला बदर की कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली का घेराव करने वालों में हर लाल, नितिन कुमार, बिट्टू उत्तम, रवि कुमार, मुन्ना लाल, मन्नू बिष्ट, जय कश्यप, अजय कश्यप, विपिन, राहुल आदि थे।
रामनगर में देर शाम दो गुट भिड़े, भगदड़ मची, पुलिस ने तीन भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दो को पकड़ा
हमले के आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं
सट्टा में वर्चस्व की लड़ाई में दोबारा टकराव की आशंका
रामनगर (नैनीताल)। पुलिस की निष्क्रियता के चलते शहर, आसपास के क्षेत्रों में सट्टे की खाईबाड़ी समेत मादक पदार्थों की तस्करी बढ़ गई है। इसको लेकर कई बार गुटबाजी में हाथापाई, हवाई फायरिंग, एक-दूसरे पर मुकदमे लिखवाने के मामले पहले भी उजागर हुए लेकिन अब सामने आने पर एक-दूसरे को देख लेने की खुली चेतावनी दी जाने लगी है। दरअसल एक ही मोहल्ले में सट्टे के दो गैंग चलने, धंधे में प्रतिस्पर्धा के चलते अब दोनों गुट एक-दूसरे की जान पर बन आए हैं। इससे कभी भी दोनों गुटों में वर्चस्व के लिए टकराव बढ़ सकता है। सीओ लोकजीत सिंह ने स्वयं कमान संभाल सट्टेबाजी को जड़ से खत्म करने का दावा किया।