रामनगर (नैनीताल)। बिल पास करने के एवज में बिजली के ठेकेदार से दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले ऊर्जा निगम के जेई को विजिलेंस की टीम ने बृहस्पतिवार को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद विजिलेंस ने आरोपी जेई के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
रामनगर स्टेशन रोड खताड़ी निवासी हेमंत कुमार ऊर्जा निगम में राजकीय ठेकेदार है। एक साल पहले उसने कोटाबाग क्षेत्र में ऊर्जा निगम का काम किया था। इस काम का ऊर्जा निगम पर भुगतान बकाया था। मूल रूप से ग्राम सूला पट्टी पौड़ी गढ़वाल निवासी सुबोध कुमार नेगी कोटाबाग में जेई के पद पर तैनात है। जेई ने सुबोध ठेकेदार हेमंत से बिलों को पास करने के एवज में दस हजार रुपये की मांग रखी थी। इस बीच, जेई सुबोध का स्थानांतरण रामनगर विद्युत उपखंड चिल्किया होे गया। जब काफी समय तक जेई सुबोध ने बिल पास नहीं किए तो ठेकेदार ने इसकी शिकायत हल्द्वानी विजिलेंस विभाग से की। शिकायत के बाद विजिलेंस सीओ अरविंद डंगवाल के नेतृत्व में मामले की जांच की गई। जांच सही पाए जाने पर शिकायतकर्ता हेमंत को केमिकल लगे दस हजार रुपये के नोट दिए गए। हेमंत ने बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे जेई सुबोध को फोन किया और दस हजार रुपये देने की बात कही। इस पर जेई सुबोध ने अपने विद्युत उपखंड कार्यालय चिल्किया में हेमंत को बुलाया। जैसे ही हेमंत ने जेई को नोट दिए विजिलेंस की टीम ने जेई को रंगे हाथों दबोच लिया। विजिलेंस की टीम में इंस्पेक्टर संजय पांडे, अरुण कुमार, एसआई नितिन पांडे मौजूद थे। आरोपी जेई वर्तमान में काशीपुर, ऊधमसिंह नगर की आवास विकास कॉलोनी में रह रहा था।
दस हजार की रिश्वत लेता जेई रंगे हाथ गिरफ्तार
बिल पास करने के लिए ठेकेदार से मांगी थी रकम