रामनगर (नैनीताल)। हाईकोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को नेशनल हाइवे पर चिन्हित शेष अतिक्रमण को तोड़ा गया। इस दौरान अतिक्रमणकारियों की एनएच के अधिकारियों की तीखी झड़प हुई।
हाईकोर्ट के आदेश पर विगत 19 मार्च को नेशनल हाइवे के अतिक्रमण को तोड़ा गया था। इस दिन केवल शिवलालपुर चुंगी से भवानीगंज तक ही अतिक्रमण टूट पाया था। विरोध और पर्याप्त फोर्स नहीं हो पाने के कारण शेष अतिक्रमण तोड़ने का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा था। बृहस्पतिवार को फिर सुबह 11 बजे शुरू हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान शाम साढे़ पांच बजे तक चला। इसमें प्रशासन और एनएच की टीम को कई बार अतिक्रमणकारियों के साथ तीखी नोकझोंक का भी सामना करना पड़ा। इस अभियान के चलते विद्युत आपूर्ति भी बाधित की गई थी जो देर शाम आठ बजे सुचारु हो पाई। इस दौरान भवानीगंज में कुछ अतिक्रमणकारियों ने एनएच के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले एनएच ने बीच सड़क से केवल 8 मीटर की बात कही थी। इसी के आधार पर उन्होंने स्वयं अपने निर्माण को तोड़ लिया था। लेकिन अब विभाग द्वारा 8 मीटर से दस मीटर की बात कहकर उनके बने हुए मकानों को तोड़ा जा रहा है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें नोटिस मिला ही नहीं और उनके निर्माण को तोड़ दिया गया।
ब्रिटिशकालीन हर्बोला बिल्डिंग भी ढहा दी
रामनगर। अतिक्रमण हटाने के दौरान कोतवाली के आगे बनी ब्रिटिशकालीन हर्बोला बिल्डिंग तक ढहा दी गई। जेसीबी ने कोतवाली की दीवार को भी नहीं बक्शा। इस दौरान सड़क पर जाम लगा रहा। इसमें स्कूली बसें भी फंस गईं। इस दौरान एसडीएम परितोष वर्मा, सीओ लोकजीत सिंह, एनएच के एई जेपी विश्वकर्मा, पीसी रौतेला, जेई बीसी मुरारी, तहसीलदार प्रियंका रानी, कोतवाल विक्रम सिंह राठौर, एसएसआई राहुल राठी, राजस्व उपनिरिक्षक तारा चंद्र घिल्डियाल, आरिफ हुसैन व अग्निशमन विभाग के साथ ही भारी पुलिस बल मौजूद था।
होटल की झाप तोड़ी, बाद में मांगी माफी
रामनगर (नैनीताल)। अतिक्रमण तोड़ने के दौरान एनएच विभाग की टीम रानीखेत रोड पर सिलोर होटल की झाप को तोड़ने पर स्वयं घिर गई। झाप तोडे़ जाने के बाद होटल स्वामी भूपेंद्र खाती और उनके सहयोगियों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि एनएच के अधिकारियों ने जिस समय सड़क का सीमांकन किया था तो उनकी दुकान 3 मीटर अंदर थी। यदि अतिक्रमण तोड़ना था तो उन्हें पहले नोटिस देना चाहिए था। जांच के बाद एनएच की टीम ने अपनी गलती मानते हुए होटल स्वामी से लिखित माफ़ी मांगी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।