नैनीताल। कुमाऊं विवि में हंगामा करने वाले एनएसयूआई के 40 से ज्यादा छात्रों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और बलवा करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। मल्लीताल पुलिस ने शुक्रवार रात को तहरीर मिलने के बाद शनिवार को 22 छात्रों को नामजद भी किया है।
आठ मार्च को एनएसयूआई के छात्रों ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में हंगामा किया था। शाम को विवि के कुलपति डा. डीके नौड़ियाल ने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश विवि प्रशासन को दिए थे। कुलपति के निर्देश पर शुक्रवार शाम को डिप्टी रजिस्ट्रार बहादुर सिंह बिष्ट ने मल्लीताल कोतवाली में तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने बताया कि आठ मार्च को 22 नामजद और 15-20 अज्ञात छात्रों ने विवि परिसर में हंगामा किया था। इन छात्रों ने जबरन विभाग बंद कर दिए और कुर्सियां तक फेंक दीं। इससे सरकारी कार्य में बाधा पड़ी और विवि में भय का वातावरण बन गया। इंस्पेक्टर मल्लीताल विपिन चंद्र पंत ने बताया कि पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद शनिवार दोपहर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सरकारी कार्य में बाधा डालने और बलवे का लगाया गया है आरोप
कुमाऊं विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को हुआ था हंगामा छात्रों ने फेंक दी थीं कुर्सियां
डिप्टी रजिस्ट्रार की तहरीर पर हुआ मुकदमा
ये छात्र हैं नामजद
अविनाश जाटव, प्रकाश जोशी, हिमांशु जोशी, करन दनाई, नितिन जाटव, शार्दुल नेगी, दिग्विजय सिंह, दीपक दास, राजकमल, सुरेंद्र, गौरव जोशी, चंदन कुमार, कमल राज, अनीश कुमार, सौरभ कुमार विश्वकर्मा, संजय, सुनील, पूरन, राहुल मेहरा, चयनित कुमार, कमल किशोर, करन कुमार।
एनएसयूआई करेगी पैरवी
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विशाल सिंह भोजक ने बताया कि उन्हें एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज होने की जानकारी नहीं है। प्रकरण की जानकारी होने पर वह आगे की रणनीति तय करेंगे। उनका कहना है कि अगर मुकदमा झूठा है तो एनएसयूआई छात्रों की पैरवी करेगी।
उपाध्यक्ष ने कहा- बाहरी तत्व बिगाड़ रहे माहौल
डीएसबी परिसर के छात्र संघ उपाध्यक्ष ऋषभ जोशी ने बताया कि वह एबीवीपी के सदस्य नहीं हैं, लेकिन कुछ गैरछात्र युवक विवि का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हंगामे से छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। परीक्षाएं तय समय पर शुरू होनी चाहिए ताकि नया सत्र समय से शुरू हो सके।