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सीडीओ के ससुराल में भीषण अग्निकांड, जलने से साले की मौत

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फायरौ - फोटो : self
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नैनीताल। शेरवानी कंपाउंड स्थित जुबली हाल क्षेत्र में स्थित सीडीओ प्रकाश चंद्र की ससुराल में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि सीडीओ का साला जिंदा जल गया। जबकि सास बमुश्किल बाहर निकली। उधर, दमकल कर्मियों व स्थानीय लोगों को आग बुझाने में चार घंटे का समय लग गया। अग्निकांड में लाखों का सामान जलकर राख हो गया। उधर, प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी है।
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शेरवानी कंपाउंड स्थित जुबली हाल क्षेत्र में सीडीओ प्रकाश चंद्र की सास विद्या भास्कर अपने बेटे पंकज भास्कर के साथ रहती थीं। शुक्रवार देर रात लगभग 12 बजे अचानक उनके मकान में आग लग गई। शोर सुन आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लोगों ने अग्निकांड की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलने पर सीओ विजय थापा, कोतवाल विपिन पंत, एसएसआई बीएस मासीवाल, एसआई पूरन मर्तोलिया समेत दमकल की टीम मौके पर पहुंची। अग्निकांड इतना भयावह था कि आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों को एक बड़ी और दो छोटी गाड़ियां लगानी पड़ीं। सूचना मिलने पर सीडीओ प्रकाश चंद्र भी रात में ही यहां पहुंच गए।
आग बुझाते-बुझाते जैसे ही दमकल कर्मी कमरे के भीतर पहुंचे तो वहां दरवाजे के पास एक युवक का शव बुरी तरह जला हुआ नजर आया। इससे दमकल कर्मियों में हड़कंप मच गया। दमकल कर्मियों ने इसकी जानकारी उपनिरीक्षक पीसी मर्तोलिया को दी। पुलिस ने शव की शिनाख्त विद्या भास्कर के पुत्र और सीडीओ प्रकाश चंद्र के साले पंकज भास्कर (37) पुत्र स्व. मदन भास्कर के रूप में की। बेटे की मौत की खबर मिलने से मां विद्या भास्कर सुधबुध खो बैठी। विद्या भास्कर ने पुलिस को बताया कि अग्निकांड के समय घर में वह अपने बेटे के साथ थी। आग लगने के बाद वह दोनों घर से बाहर निकल गए थे। उसे नहीं पता कि पंकज दोबारा घर के भीतर कैसे पहुंच गया।
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शनिवार तड़के लगभग चार बजे अग्निकांड पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया लेकिन मकान के भीतर अधिक गर्मी होने के कारण पंकज के शव को साढ़े सुबह सात बजे बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। दोपहर में पाइंस स्थित श्मशान घाट में पंकज भास्कर का अंतिम संस्कार किया गया।

दोमंजिले मकान में आग बुझाने में लग गए चार घंटे
बेटे की मौत पर मां ने सुधबुध खोया

डिप्रेशन का शिकार था पंकज
नैनीताल। अग्निकांड में मारा गया पंकज पिछले काफी समय से डिप्रेशन का शिकार था। पुलिस के मुताबिक पिछले साल अप्रैल में पंकज का विवाह नैनीताल निवासी एक युवती से हुआ था। विवाह के बाद से ही पंकज की अपनी पत्नी से अनबन हो गई। इसके बाद उसकी पत्नी अपने मायके चली गई और तभी से मायके में ही रह रही है। पुलिस के मुताबिक वर्तमान में पंकज की पत्नी काठगोदाम में अपने पिता के साथ रह रही है। बताया जाता है कि इसी कारण पंकज तनाव में था। पंकज के बड़े भाई विमल कुमार गदरपुर में खंड विकास अधिकारी हैं जबकि बहन स्मिता वाणिज्य कर विभाग में उपायुक्त के पद पर तैनात हैं।

युवाओं ने जान जोखिम में डालकर आग बुझाई
नैनीताल। शेरवानी कंपाउंड में जुबली हाल क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय युवक भूपेंद्र बिष्ट, पप्पू भट्ट, राम सिंह रौतेला, हरीश जोशी, गोपाल मेहरा और प्रताप बिष्ट ने आग को दूसरे मकानों में फैलने से रोकने के लिए खुद की जान जोखिम में डाल दी। इन युवाओं ने रात के अंधेरे में किसी तरह आग से धधक रहे मकान की छत को संबलों की मदद से उखाड़ा ताकि आग को आसपास के मकानों में फैलने से रोका जा सके।
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संकरे रास्ते के कारण आग बुझाने में आई दिक्कत
नैनीताल। शेरवानी कंपाउंड क्षेत्र में मकान में लगी आग को बुझाने में फायर ब्रिगेड को खासी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस स्थान पर मकान में आ लगी थी वहां सड़क के संकरी होने के कारण बड़ी गाड़ी नहीं पहुंच सकी। लिहाजा बड़ी गाड़ी को दूर खड़ा कर किसी तरह पाइपों को वहां तक पहुंचाया गया दमकल की दो छोटी गाड़ियों की मदद ली गई।
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दोपहर दो बजे फिर धधकी आग
नैनीताल। शनिवार की सुबह चार बजे आग पर काबू पाने के बाद दमकल कर्मी वापस लौट गए। लेकिन शनिवार को दोपहर दो बजे फिर से इस मकान में आग धधक गई। इसके बाद फिर से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने किसी तरह दुबारा लगी आग पर काबू पाया।

नुकसान का नहीं हो सका आकलन
नैनीताल। जुबली हाल क्षेत्र आवासीय मकान में हुए अग्निकांड में लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। पुलिस के मुताबिक हादसे में पुत्र की मौत से दुखी विद्या भास्कर अभी इस स्थिति में नहीं हैं कि वह यह बता सकें कि अग्निकांड में कितने का नुकसान हुआ है।

जाते जाते कई सवाल छोड़ गई पंकज की मौत
नैनीताल। अग्निकांड में 37 वर्षीय पंकज भास्कर की मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई। अहम सवाल यह है कि जब पंकज घर में आग लगने के बाद घर से बाहर निकल आया था तो उसके बाद फिर वह कब, क्यों और कैसे घर के भीतर पहुंचा। मकान में आग लगने के बाद यदि वह घर के भीतर गया था तो क्या उसे किसी ने घर के भीतर जाते हुए देखा नहीं और यदि देखा तो मकान में जाने से मना क्यों नहीं किया। यही नहीं यदि पंकज किसी तरह मकान के भीतर चला गया था तो क्या भीतर हुए हादसे के दौरान उसकी चीख पुकार किसी ने नहीं सुनी। विद्या भास्कर का पुलिस के समक्ष यह कहना कि पंकज उनके साथ ही घर से बाहर निकल आया था स्थानीय लोगों के साथ-साथ पुलिस के भी गले नहीं उतर रहा है।
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भाजपा नेताओं ने घर पहुंचकर शोक संवेदना जताई
नैनीताल। जुबली हाल क्षेत्र निवासी विद्या भास्कर भाजपा से ताल्लुक रखती हैं। पार्टी के अधिकांश कार्यक्रमों में भी वह हिस्सा लेती रही हैं। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को अग्निकांड में उनके पुत्र की मौत की खबर मिली तो पार्टी के प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री शांति मेहरा, नगर मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी, वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन पाल, भाजयुमो जिलाध्यक्ष नितिन कार्की, अरविंद पडियार ने उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
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