सितारगंज। सूखी नदी में डिसिल्टंग के नाम पर मिट्टी के अवैध खुदान की जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एडीएम ने स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ नदी का स्थलीय मुआयना किया। पैमाइश में माफिया की ओर से 185 मीटर लंबाई तक अतिरिक्त नदी खोदना सामने आया। एडीएम ने बताया कि एसडीएम की ओर से सूखी नदी में अवैध खनन की जांच रिपोर्ट भी सही पाई गई है। सिंचाई विभाग की संलिप्तता है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। माफिया के खिलाफ जुर्माना वसूली के साथ ही सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
बीते वर्ष 29 जून को सिंचाई विभाग की ओर से सूखी नदी में डिसिल्टिंग के लिए 2100 और 2400 घनमीटर सिल्ट के दो ढेरों की नीलामी गई थी। सिल्ट पूरी तरह नहीं उठ पाने पर तीन जनवरी को सिंचाई विभाग के ईई के अनुरोध पत्र पर एसडीएम ने 1700 घनमीटर मिट्टी उठान के लिए 16 जनवरी तक की अनुमति दी थी। आरोप है कि इसकी आड़ में अवैध खनन किया गया। बीती 17 जनवरी को राजस्व अधिकारियों की नपत के बाद एसडीएम विनोद कुमार ने खनन मोहर्रिर जय प्रकाश और सर्वे कानूनगो के साथ नदी का निरीक्षण किया था।
एसडीएम की रिपोर्ट में करीब 725 घनमीटर अवैध खनन होना बताया गया। एसडीएम ने निविदाकार के खिलाफ अवैध खनन की रिपोर्ट तैयार की। इसमें अवैध खनन के तीन लाख 98 हजार 750 रुपये और दो लाख रुपये अर्थदंड की संस्तुति की रिपोर्ट डीएम को भेजी गई थी। रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद डीएम के निर्देश पर रविवार को एडीएम प्रताप शाह ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एवं सिंचाई अधिकारियों के साथ नदी का स्थलीय कर मिट्टी खुदान की पैमाइश कराई। बताया कि अवैध खनन की रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। इस दौरान एसडीएम विनोद कुमार सिंचाई ईई संजय राज, एसडीओ वीसी नैनवाल, जेई गिरीश जोशी आदि थे।