नैनीताल। बैंक से लिया लोन एक दिव्यांग के लिए अत्यंत कष्टदायक बन गया। दिव्यांग लोन चुकाने के लिए पैसा जोड़ती रह गई, तब तक बैंक ने घर बेच डाला। दिव्यांग की शिकायत पर डीएम ने लीड बैंक मैनेजर को जांच करने का आदेश दिया है।
स्टाफ हाउस मल्लीताल निवासी दिव्यांग संध्या भारती ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में बताया कि उसके बड़े भाई ने साल 2011 में शहर की एक प्राइवेट बैंक से मकान के दस्तावेज गिरवी रखकर ढाई लाख रुपये का लोन लिया था। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह समय से बैंक का लोन नहीं चुका सकी। पैसा चुकाने के लिए उनके परिवार ने बैंक से समय मांगा और पैसा जोड़ना शुरू कर दिया। पिछले महीने बैंक की ओर से उन्हें बताया गया कि ब्याज समेत साढ़े सात लाख रुपये चुकाने होंगे वरना बैंक घर को बेंच देगा। पूरी कोशिश से उन्होंने बैंक का पैसा जोड़ा और बैंक पहुंची। बैंक में उन्हें पता चला कि उनका घर किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है। यह जानकर उन्हें गहरा सदमा लगा। घर बिक जाने से वह रोड पर आ गई है। उन्होंने कहा कि वह बैंक का पैसा जमा करने के लिए तैयार है, लेकिन बैंक अब पैसा जमा नहीं कर रहा है। बैंक ने नियमों के खिलाफ उनका घर बेचा है। उनका मकान साढ़े सात लाख रुपये से ज्यादा का है। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने प्रकरण में जांच करने और दिव्यांग की मदद करने के लिए लीड बैंक मैनेजर को आदेश दिया है।