हल्द्वानी। नवीन मंडी में हुए अग्निकांड में अग्निशमन विभाग की जांच में मंडी समिति और दुकानदारों की लापरवाही सामने आई है। अग्निशमन अधिकारी ने मंडी सचिव और दुकानदारों की खामियों को उजागर करते हुए नोटिस जारी किया है। सवाल उठाया गया है कि गेट पर तैनात जवानों ने अग्निशमन विभाग की गाड़ी के लिए फाटक तत्काल क्यों नहीं खोला। अग्निशमन विभाग एसएसपी और डीएम को भी अपनी रिपोर्ट से अवगत कराएगा।
मंडी में 15 मार्च की रात भीषण आग लगने से 16 दुकानों जलकर नष्ट हो गई थी। मंडी का जेनरेटर रूम और शौचालय भी आग की चपेट में आया था। अग्निशमन विभाग के सीएफओ संजीवा कुमार और एफएसओ जगदीश प्रसाद ने घटना की जांच की। सीएफओ ने दुकानदारों के नुकसान का जायजा लेने के बाद एफएसओ को घटना की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। एफएसओ ने बताया कि मंडी में अग्निशमन विभाग को पानी लेने के लिए हाइड्रेंट नहीं है। परिसर में दस फायर हाइड्रेंट स्थापित होने चाहिए। व्यवस्था नहीं होने पर घटना के समय गाड़ियों को अन्य स्थान से पानी भरना पड़ा। मंडी समिति के सचिव और अध्यक्ष को नोटिस भेजकर अवगत कराया गया है कि मंडी में पर्याप्त हाइड्रेंट के अलावा प्रत्येक दुकानदार को आग से बचाव के लिए चार-चार संयंत्र लगाना जरूरी है। दुकानदारों को दुकान के पास वाहन कुछ दूरी पर खड़ा करना चाहिए। मंडी में दुकानदारों ने लाखों का माल रख लिया था लेकिन आग से बचाव के लिए एक भी संयंत्र नहीं लगाया था। इसके पहले मंडी के गोदाम में आग लगी थी लेकिन उसने भी संयंत्र नहीं लगाया था।
अग्निकांड: मंडी समिति और व्यवसायियों को नोटिस
खामियां उजागर, आग से बचाव के लिए नहीं लगाए संयंत्र, गाड़ी रोकने के बारे में मांगा जवाब