हल्द्वानी। जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार वकील मनीष कुमार ने खुलासा किया है कि ऑनलाइन ठगी के काम में करीब 50 लोग जुड़े हैं। डॉटा चुराने और बैंक में खाता खुलवाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल को बताया कि बीमा पालिसी धारकों से ठगी के लिए दिल्ली के व्यक्ति ने क्राइम कंपनी बनाई है। इस कंपनी का बॉस पालिसी पूरा होने वाले व्यक्ति का नाम और पता हासिल कर लेता है। गिरोह में शामिल लोग फोन कर संबंधित व्यक्ति को सब्जबाग दिखाते हैं। संबंधित खाते में जब रकम लाखों में जमा हो जाती है तो उसे निकाल लिया जाता है। एक फर्जी आईडी से खाता खुलने के बाद कई खाते आराम से खुल जाते हैं। जिला पुलिस का कहना है कि इस मामले में रिपोर्ट संबंधित बैंक और बीमा कंपनी को भी भेजे जाएगी ताकि अन्य लोगों का डॉटा सुरक्षित किया जा सके। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। गिरफ्तार वकील का आपराधिक इतिहास जानने के लिए कानपुर पुलिस को एसएसपी की तरफ से पत्र भेजा जाएगा।
ऐसे पकड़ा गया वकील
हल्द्वानी। उपनिरीक्षक दान सिंह मेहता ने बताया कि विवेचना शुरू करने पर जब वह दिल्ली के बैंकों में गए तो पता चला कि जालसाजों ने फर्जी आईडी पर खाते खोले हैं। खाता खोलने में प्रयोग किए गए फोटो को लेकर पुलिस ने कई स्थानों पर छानबीन की। एक पते पर जाने के बाद पता चला कि संबंधित फोटो के व्यक्ति का वारंट आया है। वारंट के आधार पर पुलिस हरियाणा स्थित अदालत में गई। यहां फोटो मिलान करने के बाद अधिवक्ता का पता मिल गया। एसएसपी ने वकील को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की है।