हल्द्वानी। रोडवेज परिसर में चार दिन से पड़े रिक्शा चालक की मौत हो गई। न रोडवेज कर्मियों का ध्यान उसकी ओर गया न ही शहर के समाजसेवियों ने सुध ली। शनिवार को पुलिस पहुंची तो उसकी सांसें थमी पाई गई। सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि शुक्रवार को ही उसके शरीर की हरकत बंद हो गई थी।
रोडवेज के कर्मचारियों ने शनिवार दोपहर कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति बेहोश पड़ा है। इसके बाद एसएसआई मनोहर सिंह दसौनी और उपनिरीक्षक दिनेश चंद्र जोशी वहां पहुंचे। तलाशी के दौरान उसकी जेब से दो हजार रुपये, आधार कार्ड और दवाइयां बरामद हुई। आधार कार्ड में गंगा सिंह (57) पुत्र बद्री सिंह वार्ड संस्था चार जवाहरनगर अंकित था। पुलिस ने रोडवेज के कर्मचारियों से पूछा तो पता चला कि वह रिक्शा चलाता था और रोडवेज परिसर में ही सोता था। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि 21 फरवरी की सुबह गंगा रोडवेज की छत से उतरकर आया और पूछताछ केंद्र के पास सो गया। 23 फरवरी को सुबह नौ बजकर 52 मिनट तक उसका शरीर हिलता डुलता रहा। इसके बाद शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। उपनिरीक्षक दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि संबंधित पते पर खोजबीन की गई लेकिन कोई परिजन नहीं मिल सका। पुलिस उसके परिजनों का इंतजार कर रही है।
व्यवस्था पर सवाल
एक व्यक्ति चार दिन से पूछताछ जैसे केंद्र के पास पड़ा रहता है लेकिन रोडवेज कर्मियों की नजर नहीं पड़ती। रोज आने जाने वाले यात्री उसे मानसिक रूप से कमजोर या शराबी मानकर नजरअंदाज करते रहे। सबसे बड़ी अनदेखी पुलिस की ओर से भी हुई। इससे गश्त की भी पोल खुलती है। रोडवेज जैसे सार्वजनिक स्थल पर नियमित गश्त जरूरी होती है। वहां सुबह से रात तक यात्रियों का जमावड़ा लगा रहता है लेकिन चार दिन में एक दिन में भी गंगा पर किसी की नजर नहीं पड़ी। शहर में समाज सेवा का ढिंढोरा पीटने वाले भी कहीं नजर नहीं आए। यदि इन सब में से कोई एक भी जाग जाता तो रिक्शा चालक को समय से इलाज मिल सकता था।
स्टेशन पर नहीं हैं इंतजाम
हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन में यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। न तो स्टेशन में बैठने के लिए पर्याप्त स्थान है। न ही स्वच्छ पेयजल। कई यात्री, भीखारी रोडवेज स्टेशन के अंदर फर्श में सोए रहते हैं। दिन में भी सोते दिख जाएंगे। रोडवेज के अधिकारी और कर्मचारी इस ओर न तो ध्यान देते हैं न ही कभी पूछताछ करते हैं।
यह भिखारी था। रोडवेज परिसर में ही सोया रहता था। इसकी मौत शुक्रवार रात को हुई होगी। शनिवार को जब पता चला तो इसकी सूचना पुलिस को दी।
- आरएस कापड़ी, इंचार्ज रोडवेज स्टेशन
स्थायी पिकेट रोडवेज के बाहर लगती है। यदि चोरी या उचक्कागिरी की सूचना होती तो पुलिस यात्री विश्रामालय में जाती है। विश्रामालय की जिम्मेदारी रोडवेज की है। पुलिस अनावश्यक यात्रियों को तंग नहीं करती है।
- केआर पांडे थान ाप्रभारी कोतवाली