हल्द्वानी। दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होने के डेढ़ माह बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। युवती के परिजनों को शक है कि प्रदेश के एक कद्दावर नेता के चलते पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। हरिपुर पूर्णानंद गोरापड़ाव निवासी नंदन सिंह चौहान ने अपनी बेटी रुचि सिंह की शादी 21 जून 2010 को राजीव नगर बंगाली कॉलोनी लालकुआं निवासी ललित सिंह के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ससुराली दहेज की मांग करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को पीटकर 16 सितंबर 2014 को घर से निकाल दिया। विवाहिता के पिता ने संबंधों को जोड़ने के लिए काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस अधिकारियों से काफी गुहार लगाने के बाद कोतवाली पुलिस ने सात जुलाई 17 को धारा 323, 504, 506, 354, 498ए दहेज प्रतिषेध अधिनियम 3, 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में पति ललित सिंह, ससुर उमाशंकर सिंह, जेठ अनिल सिंह, जेठानी लाजवंती उर्फ पूनम को अभियुक्त बनाया गया है। विवाहिता के पिता का आरोप है कि पुलिस पर सत्ता पक्ष के एक कद्दावर नेता का दबाव पड़ रहा है। इसी कारण आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इस बारे में एसएसपी जन्मेजय खंडूरी का कहना है कि उनके ऊपर कोई दबाव नहीं है। विवेचक से पूछताछ कर कार्रवाई कराई जाएगी।