रामनगर (नैनीताल)। बीते दिवस उत्तराखंड परिवहन निगम की एक बस से पॉलीटेक्निक की पांच छात्राओं को सुनसान जंगल में जबरन उतारने के मामले में निगम के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। वहीं घटना को लेकर विभिन्न संगठनों के लोगों ने बस में तैनात दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है।
ग्राम कानिया निवासी गुंजन, सुनीता थापा, ग्राम टांडा निवासी मानसी कंडारी, भवानीगंज निवासी प्रीतिका कोटिया, पूजा पॉलीटेक्निक कॉलेज काशीपुर की छात्राएं हैं। पांचों छात्राओं को शनिवार को पास दिखाने के बावजूद चालक परिचालकों ने अभद्रता कर रोडवेज बस से सुनसान जंगल में उतार दिया था। छात्राओं के अनुसार वे काशीपुर से रामनगर आने के लिए रोडवेज बस संख्या यूके 04पीए/ 1904 में सवार हुई थीं।
छात्राओं के परिजनों ने घटना की जानकारी एआरएम को देते हुए कार्रवाई की मांग की है। रामनगर स्टेशन के एआरएम मोहन राम ने बताया कि नंबर की जांच के बाद पता चला है कि इस नंबर की कोई भी बस डिपो में नहीं है। इसका पता हेल्पलाइन से भी लगाया गया लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। शायद छात्राओं द्वारा बस का नंबर गलत लिखा गया हो। फिलहाल जांच जारी है। एआरएम ने यह भी बताया कि दिल्ली से रामनगर वाया हल्द्वानी और हल्द्वानी से वाया रामनगर होकर देहरादून जाने वाली कुछ बसें रामनगर स्टेशन पर नहीं रुकती हैं जबकि नियमानुसार इन बसों को डिपो में रुकना अनिवार्य है।