कालाढूंगी (नैनीताल)। लकड़ी तस्करों ने शनिवार रात तराई केंद्रीय वन प्रभाग हल्द्वानी की बरहैनी रेंज के गश्ती दल पर फायर झोंक दिया। तमंचे की गोली लगने से एक वॉचर घायल हो गया। घायल वॉचर को साथी वनकर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया। इसी बीच अंधेरे का फायदा उठा कर तस्कर भाग निकले। टीम ने मौके से तीन मोटरसाइकिल, खैर की लकड़ी बरामद की है। इस मामले में कालाढूंगी थाने में तहरीर दी गई।
बरहैनी के रेंजर हरीश राम आर्या ने बताया कि शनिवार रात करीब दो बजे बरहैनी, बन्नाखेड़ा रेंज की टीमें संयुक्त गश्त पर थी, तभी टीम को सूचना मिली कि बरहैनी में श्मशान घाट वाले रास्ते से तीन बाइकें जंगल में घुसी हैं। टीम ने जंगल में छानबीन की तो वनकर्मियों को आता देख लकड़ी तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस कारण बन्नाखेड़ा रेंज के वॉचर संदीप सिंह पुत्र जगीर सिंह के सिर, पैर में चार छर्रे लग गए। इसी बीच तस्कर मौके से पैदल भाग गए। वनकर्मियों ने फरार तस्करों में से एक की पहचान बाजपुर के ग्राम जबरान निवासी देशराज उर्फ देशी के रूप में की। वन विभाग में उसके खिलाफ पहले भी छह मामले दर्ज हैं क्योंकि देशराज गिरोह बनाकर जंगल से लकड़ी की तस्करी करने का आदी है। रेंजर ने बताया कि देशराज समेत चार अन्य अज्ञात तस्करों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है। इसमें लकड़ी चोरी कर जानलेवा हमला करने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीमा विवाद में दर्ज नहीं हो सका मुकदमा
कालाढूंगी (नैनीताल)। जिस जगह पर वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला हुआ, पुलिस उस जगह का कार्यक्षेत्र तय नहीं कर सकी। इसे कोई कालाढूंगी थाने में बता रहा है जबकि कोई बरहैनी पुलिस चौकी क्षेत्र का। इस कारण रविवार को दिनभर विवाद होता रहा और शाम तक मुकदमा भी दर्ज नहीं हो सका। कालाढूंगी के थानाध्यक्ष बीएल विश्वकर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। घटना स्थल की सीमा के बारे में क्षेत्र के पटवारी से जानकारी ली जा रही है।