खटीमा। वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। वनरावत बस्ती, झाड़ी नौला आदि क्षेत्रों में भूमि कब्जा मुक्त कराकर नाली खोद दी गई। साथ ही गेहूं की फसल भी नष्ट कर दी। एसडीओ ने कहा कि अतिक्रमण मुक्त कराई भूमि पर यहां प्लांटेशन किया जाएगा। यहां एक लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें फलदार पेड़ भी होंगे।
अतिक्रमण हटाने आई वन विभाग की टीम को दूसरे दिन किसी प्रकार के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। वन विभाग ने पूरे वन क्षेत्र में नाली खोदकर गेहूं की फसल नष्ट कर दी। जंगल में एक शिक्षक दंपति का 40 एकड़ जमीन पर कब्जा बताया जा रहा है। घने जंगल के अंदर कुछ लोगों द्वारा गन्ने की फसल भी लगाई गई है। यह सब वन विभाग, जनप्रतिनिधियों की शह पर जंगल में होता रहा।
यहां जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद के बाद यह मामला अखबारों की सुर्खियों में आया। जिसे संज्ञान में लेकर वन विभाग ने अतिक्रमणकारियों के विरुद्घ बड़ी कार्रवाई की है। एसडीओ वन बाबूलाल ने कहा कि जंगल में अतिक्रमण चरणबद्घ तरीके से हटाया जा रहा है। ठंड को देखते हुए लोगों की झोपड़ी और झाले नहीं हटाए गए हैं। इसके बाद पचौरिया, मेलाघाट क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया जाएगा।
नगर के अंदर साल भोजी के सवाल पर एसडीओ बाबूलाल ने कहा कि यहां भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के बाद जंगल में प्लांटेशन किया जाएगा। वन विभाग का लक्ष्य जंगल में एक लाख पौधे व बीज से प्लांटेशन किया जाना है। इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट सहित तीनों रेंजों के कर्मचारी मौजूद रहे।