कालाढूंगी (नैनीताल)। कोटाबाग के दूरस्थ गांव की निवासी मूक-बधिर किशोरी ने स्वयंसेवी संस्था में काम करने वाले युवक पर लगाए गए दुराचार के आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी। परिजनों ने कार्रवाई से इनकार किया तो राजस्व पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया। नैनीताल तहसील के पट्टी पटवारी सुरेश चंद्र सनवाल ने बताया कि शनिवार को गांव के सरपंच ने उन्हें सूचना दी थी कि एक एनजीओ में काम करने वाले युवक ने गांव की ही एक मूक-बधिर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया है। इस सूचना पर गांव पहुंचे तो उन्होंने आरोपी को हिरासत में ले लिया था। किशोरी के परिजनों ने शनिवार शाम हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में उसका मेडिकल करवाया, जहां दुष्कर्म की पुष्टि न होने पर परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कोई लिखित कार्रवाई नहीं की। इसलिए राजस्व पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया।