नैनीताल। डीआईजी पूरण सिंह रावत ने सोमवार को मंडलभर के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए कि अच्छा काम करने वाले कर्मियों को शीघ्र पुरस्कृत किया जाए। कहा कि वाहन चोरी के अपराधों में प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने नैनीताल व यूएसनगर में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों को दिए। पुलिस मैन आफ द मंथ का पुरस्कार अल्मोड़ा जिले के एसओजी टीम के कांस्टेबल दिनेश नगरकोटी को दिया गया। उन्हें एक हजार रुपये नकद व प्रशस्ति पत्र दिया गया।
डीआईजी ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए निदेशालय स्तर पर लंबित प्रकरणों में कार्रवाई के लिए परिक्षेत्र स्तर पर सीओ लालकुआं को नोडल अधिकारी बनाए जाने के निर्देश दिए। कहा कि वाहन दुर्घटनाओं की समीक्षा व उनके रोकथाम के उपायों के साथ ही वाहन दुर्घटना की एसओपी बनाकर कार्रवाई की जाए। कहा कि प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों का सत्यापन निर्धारित अवधि तक हो।
रावत ने कहा कि साइबर अपराधों, महिलाओं, छोटे बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के शत प्रतिशत पंजीकरण कर संबंधित के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि नैनीताल व यूएसनगर जिलों में वाहन चोरी के खुलासों के लिए संयुक्त टीमें बनाई जाएं। बैठक में नैनीताल के पुलिस कप्तान जन्मेजय खंडूरी, यूएनगर के डा. सदानंद दांते, अल्मोड़ा की पी.रेणुका देवी, चंपावत की रामचंद्र राजगुरु, पिथौरागढ़ के अजय जोशी, बागेश्वर की मुकेश चौहान आदि मौजूद थे।