हल्द्वानी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मनीष पांडे की अदालत ने किशोरी से हुए दुष्कर्म के मामले की सुनवाई के बाद आरोपी मजदूर को दोषी ठहराया। मजदूर को 12 साल की कैद के साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतना होगी।
शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह नेगी के अनुसार लालकुआं क्षेत्र में 17 अप्रैल 2017 को दिन में ढाई बजे मजदूर सुरेश उर्फ कांणा 12 वर्षीय किशोरी के घर में घुसा। उस समय किशोरी के माता-पिता घर में नहीं थे। आरोपी ने किशोरी से दुष्कर्म किया। घर से बाहर निकलते समय आरोपी को किशोरी के माता-पिता ने देख लिया। दोनों ने पीछा किया, लेकिन आरोपी मौके से भाग निकला। माता-पिता के घर आते ही पीड़िता ने आपबीती सुनाई। इस मामले में लालकुआं पुलिस ने धारा 376-2(झ), 5 ड/6 पॉक्सो एक्ट के तहत सुरेश उर्फ कांणा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया। मुकदमे की विवेचना सोनिका जोशी ने की। डीएनए जांच के दौरान पीड़िता के ब्लड से दुष्कर्म की पुष्टि हुई। अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के समर्थन में दस गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सुरेश उर्फ कांणा को किशोरी के साथ दुष्कर्म का दोषी पाया और धारा 376-2(झ) के तहत 12 साल की सजा, 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।
किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 12 साल की कैद
50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, जुर्माना न देने पर भुगतनी होगी छह माह की अतिरिक्त सजा
पीड़िता को जुर्माने का 90 फीसदी हिस्सा मिलेगा
अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की रकम का 90 फीसदी हिस्सा पीड़िता को दिया जाएगा। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतना होगा।