हल्द्वानी। पुलिस को सीबीआई से गोरापड़ाव हत्याकांड मामले के चार संदिग्धों की पॉलीग्रॉफ टेस्ट रिपोर्ट मिल गई है। पुलिस को अब देहरादून की फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट का इंतजार है।
गोरापड़ाव क्षेत्र में 26 अगस्त 18 की रात को बदमाशों ने एक घर में घुसकर महिला का कत्ल किया था और बेटी को अधमरा कर दिया था। बदमाशों ने भौंकने पर कुत्ते को जान से मारा और लाइसेंसी बंदूक और स्कूटी लेकर फरार हो गए। एक माह तक इलाज के बाद बेटी को होश आया। सीसीटीवी की चेकिंग में हेलमेट पहने एक व्यक्ति दिखा था। 30 अगस्त को पुलिस ने महिला के घर से लूटी गई स्कूटी रामपुर रोड से बरामद की। हाईकोर्ट ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे। एसआईटी के डीआईजी ने एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव को विवेचक बनाया है। पुलिस ने अदालत से आदेश लेने के बाद रुद्रपुर में 27 जनवरी को सीबीआई की टीम से चार लोगों का पॉलीग्रॉफ टेस्ट कराया। सीबीआई के सीएफएलएल के मुख्य वैज्ञानिक एके सिंह ने चारों संदिग्धों का टेस्ट किया। इस मामले में तीन दिन पहले टेस्ट रिपोर्ट जिला पुलिस को मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी देहरादून से डीएनए और अन्य परीक्षण की रिपोर्ट नहीं आई है। सीबीआई से मिली यह रिपोर्ट पुलिस के लिए कुछ हद तक राहत देने वाली भी साबित हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आठ माह बीत जाने के बाद मिली रिपोर्ट से कम से कम पुलिस जांच का दायरा अब और सघन हो पाया है। एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने रिपोर्ट की जानकारी नहीं दी है, लेकिन माना जा रहा है कि पुलिस को इस हत्याकांड को सुलझाने में इस रिपोर्ट से खासी मदद मिल रही है।
सीबीआई ने पुलिस को सौंपी गोरापड़ाव हत्याकांड के संदिग्धों की पॉलीग्रॉफ टेस्ट रिपोर्ट
पुलिस को अब देहरादून से फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
रिपोर्ट से पुलिस को हत्याकांड के खुलासे में खासी मदद की उम्मीद