हल्द्वानी। गौला नदी में अवैध खनन करने वाली सद्भाव कंपनी पर पांच दिन बाद जुर्माना लगना तय हो गया। संयुक्त टीम ने नदी में अवैध खनन का दोषी मानते हुए 68 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की संस्तुति की है। रेंजर गौला ने यह रिपोर्ट वन निगम के डीएलएम को भेज दी है।
बीते रविवार को अमर उजाला की टीम ने गौला नदी में एनएच 87 का निर्माण करने वाली कंपनी सद्भाव कंपनी को आवंटित गेट पर अवैध खनन का खुलासा किया था। सोमवार के अंक में अमर उजाला ने ‘कंपनी के लिए सब गुनाह माफ’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद वन विभाग और वन निगम की टीन ने कंपनी गेट का निरीक्षण किया था। यहां पर पिलरों के बाहर अवैध खनन मिला था। टीम ने यहां से राजस्व के नुकसान की पैमाइश की थी। दोनों टीमों ने इसकी संयुक्त रिपोर्ट तैयार की थी। शुक्रवार को गौला रेंजर ने संयुक्त जांच रिपोर्ट वन निगम के डीएलएम गौला को भेज दी है। इसमें कंपनी को अवैध खनन का दोषी मानते हुए उस पर करीब 68 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की संस्तुति की है। गौला रेंजर गणेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रिपोर्ट वन निगम को भेज दी गई है।
अवैध खनन में सद्भाव कंपनी पर जुर्माना
गौला रेंजर ने डीएलएम को भेजी अवैध खनन की जांच रिपोर्ट