हल्द्वानी। वन विभाग ने शिकारियों और तस्करों को लेकर अलर्ट जारी किया है। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त के अनुसार संवेदनशील इलाकों का दौरा किया जा रहा है। यूपी के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया गया है।
शिकार की दृष्टि से उत्तराखंड-यूपी और नेपाल सीमा से सटा इलाका संवेदनशील रहा है। दशहरे के समय ही 2013 में शिकारियों ने तराई पूर्वी वन प्रभाग के पास और पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के महोफ रेंज में बाघ को मार दिया था। इस समय उल्लू की तस्करी भी बढ़ती है। दीवाली की रात में उल्लू की बलि देकर तांत्रिक पूजा होती है। ऐसे में उल्लू के लिए मनमाफिक दाम देने की बात कही जाती है। ऐसे में कई दिन पहले से उल्लू पकड़ने में तस्कर जुट जाते हैं। ऐसे में वन विभाग ने त्योहार में सुरक्षा प्रबंधों को लेकर कई स्तर पर तैयारी का दावा किया है। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार नेपाल सीमा, यूपी से सटे इलाके सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील है। पूर्व में हुई घटनाओं के मद्देनजर खासी सतर्कता बरती जा रही है। वन कर्मियों को अलर्ट किया गया है। पीटीआर यूपी के अधिकारियों और कर्मियों के साथ संयुक्त बैठक कर रणनीति को अंतिम रूप दिया गया है। दोनों तरफ के वन कर्मियों संयुक्त गश्त समेत अन्य फैसले लिए गए हैं। मातहत अधिकारियों को भी दौरा करने का निर्देश दिया गया है।
पर्व के समय शिकार की घटना बढ़ने का अंदेशा
अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का किया दौरा