भवाली (नैनीताल)। क्षेत्र से लापता नाबालिग छात्रा की बरामदगी मामले में मानव तस्करी की आशंका जताई गई है। पुलिस ने अपहरण के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार उसका धारा 363, 365, 368 के तहत किया है जबकि उसके अन्य तीन भाई भी वांछित हैं।
एक नाबालिग छात्रा 27 अगस्त को घर से भागकर हल्द्वानी पहुंची। हल्द्वानी में वह शाकिर के टेंपो में बैठी। शाकिर उसे बहला फुसला कर इंदिरानगर वार्ड नंबर चार हल्द्वानी निवासी अपने भाई सफदर अली के घर ले गया। सफदर से छात्रा ने नौकरी की इच्छा जताई। इस पर सफदर उसे अपने दूसरे घर ले गया, जहां उसके अन्य भाई और मां भी रहते थे। तीन दिन बाद एक भाई इशरत नौकरी दिलाने उसे रुद्रपुर ले गया। उसने एक रात किसी के घर छात्रा को रुकवाया। वापस लौटने पर इशरत ने रात को उससे जबरदस्ती की, जिसकी शिकायत छात्रा ने उसकी मां से की। इसके बाद मां ने उसे घर से चले जाने को कहा। इसी दौरान इशरत ने छात्रा को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। जब छात्रा को होश आया तो उसने खुद को दिल्ली में एक गाड़ी में बैठे पाया। गाड़ी में कोई नहीं था। इसलिए छात्रा दिल्ली से वापस सफदर के पास आ गई। उसने सफदर के मोबाइल से अपनी मां को फोन किया। इस मोबाइल नंबर को पुलिस ने ट्रेस कर लिया। रविवार को छात्रा को बरामद कर लिया गया। पुलिस ने सफदर, शाकिर और एक अन्य के खिलाफ धारा 363, 365, 366 के तहत मुकदमा दर्ज कर सफदर को गिरफ्तार कर लिया। इसके अतिरिक्त इशरत के खिलाफ धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया। इनमें से तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है। छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसे नशीला पदार्थ खिलाकर दिल्ली ले जाया गया। उसके दाएं पैर पर नीली स्याही से मोहरनुमा कुछ अंग्रेजी में लिखा गया था।