आवास विकास में ठंड़ी सड़क के पास निर्माणाधीन मॉल के लिए लगाए गए मिक्सचर प्लांट के पास कंटेनर से दबकर तीन मजदूरों की मौत मामले में बुधवार को तीन पार्टनर भोटिया पड़ाव पुलिस के सामने पेश हुए। उन्होंने बताया कि जेल में बंद चंदन सिंह मेहरा को मिक्सचर प्लांट बनाने का ठेका दिया था। हालांकि घटना के बाद से ही चंदन को मुंशी बताया जा रहा था। पुलिस अब अनसुलझे सवालों का जवाब तलाशने जेल भी जाएगी।
यह हादसा 26 मार्च कोे हुआ था। मुंशी चंदन सिंह मेहरा पर आरोप लगा था कि घटना के बाद उसने मजदूरों को बंधक बना लिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी चंदन सिंह मेहरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना के बाद मजदूरों ने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद मृत मजदूरों के परिजनों को पांच-पांच लाख और घायलों को दस-दस हजार रुपये मुआवजे के तौर पर दिया। इस मामले में एसएसपी ने कोतवाली पुलिस को गंभीरता पूर्वक जांच करने के निर्देश दिए।
पुलिस ने उस समय ठेकेदार धनंजय और दलजीत सिंह रोजी से पूछताछ की। जांच से पता चला कि निर्माणाधीन मॉल के पार्टनर तस्लीम के मुंशी ने पैसा बंटवाया था। धनंजय का कहना था कि वह परेशान मजदूरों को ढांढस बधाने के लिए गया था। इस मामले में चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने मॉल के पार्टनर तस्लीम, बाल किशन और जयदीप को बुलाया। तीनों से पुुलिस चौकी में पुलिस ने पूछताछ की। तीनों बताया कि निर्माणाधीन प्लांट की जमीन किराए पर ली गई थी। प्लांट बनाने का ठेका गिरफ्तार चंदन सिंह मेहरा को दिया गया था। इस मामले में पार्टनरों ने पुलिस को कागजात सौंपे। चौकी प्रभारी का कहना है कि चंदन से कागजातों दस्तखत और घटनास्थल पर मजदूर को बंधक बनाने के मामले में सवाल पूछे जाएंगे।