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आखिर पुलिस अधिकारियों ने माना लूट हुई

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हल्द्वानी। तुलसी विहार कॉलोनी में अनीता रौतेला पर हुए कातिलाना हमले के मामले में पुलिस दो दिनों से लूट से इनकार कर रही थी लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारियों के सुर बदल गए। मुखानी पुलिस को लूट की धारा बढ़ानी पड़ी। एसएसपी ने माना कि महिला का पति सच बोल रहा था।
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तुलसी विहार कॉलोनी में वारदात के बाद पुलिसकर्मियों ने ढाई घंटे तक घटनास्थल को अपने कब्जे में रखा था। तर्क दिया जा रहा था कि डाग स्क्वॉयड के आने पर दरवाजा आम लोगों के लिए खोला जाएगा। पुलिस ने डॉग स्क्वॉयड की जांच के बाद बयान दिया कि महिला पर सिर्फ हमला हुआ है लूट की वारदात नहीं हुई है। पुलिस आलमारी के बिखरे सामानों और एक खुले बक्से से लूट मानने के लिए तैयार नहीं थी। इधर अनीता के पति मोहन सिंह रौतेला लगातार बोल रहे थे 20-25 हजार नगद रुपये और जेवरात की लूट हुई है। जेवरात के बारे में उनकी पत्नी ही बता सकती है। अब तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसएसपी को भी मानना पड़ा कि महिला के पति ने सच बोला था। माना जा रहा है कि अधीनस्थ अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को सही जानकारी नहीं दी थी, या उच्चाधिकारी जानबूझकर सच नहीं बोल रहे थे। इस मामले में महिला के स्वस्थ होने पर कुछ और राज खुल सकते हैं।

पति ने सच बोला था, धारा बढ़ानी पड़ी
महिला के स्वस्थ होने पर कुछ और राज खुलेंगे

महिला ने चंद्रबल्लभ को पहचाना
पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पहचान कराने के लिए अस्पताल गई थी। पता चला कि आरोपी चंद्रबल्लभ को घायल अनीता ने पहचान लिया और इशारे से पुलिस को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस आरोपियों को लेकर थाने चली गई। पुलिस का कहना है कि चंद्रबल्लभ के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है।
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