हल्द्वानी। हादसों के बाद यदि पुलिस के नगर नियंत्रण का फोन उठ जाए तो खुद को भाग्यवान समझिएगा। आपात स्थिति में कॉल करने पर नियंत्रण कक्ष का फोन नहीं उठता है। एसपी सिटी इसके लिए बीएसएनएल को जिम्मेदार बताते हैं। लिखित शिकायत के बावजूद विभागीय कर्मचारियों ने टेलीफोन लाइनें ठीक नहीं की हैं।
नैनीताल रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को रौंद दिया। हादसे को देखने के बाद कई लोगों ने 100 नंबर पर डायल किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुए। हालांकि कोतवाल के मोबाइल फोन से संपर्क होने पर पुलिस पहुंच गई लेकिन 100 नंबर की कॉल को लेकर महीनों से सवाल उठ रहे हैं। आम लोग पुलिस अधिकारियों का नंबर नहीं जानते हैं। राहगीर भी अपराध की सूचना 100 और आग की सूचना के लिए 101 नंबर पर डायल करता है लेकिन अक्सर फोन उठता नहीं है। नगर नियंत्रण कक्ष में 100 नंबर के साथ 220019, 1090 की एक-एक टेलीफोन लाइन है। इन्हें सुनने के लिए शिफ्टवार कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। कभी कभी 100 नंबर पर मुरादाबाद और रामपुर कंट्रोल रूम के नंबर मिल जाते हैं। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव का कहना है कि वह प्रत्येक सप्ताह नगर नियंत्रण कक्ष की जांच करते हैं। सौ नंबर न मिलने के बारे में शिकायतें मिली हैं। इस गड़बड़ी को सिर्फ बीएसएनएल के कर्मचारी ही ठीक कर सकते हैं। इसके लिए बीएसएनएल के प्रबंधक को पत्र भेजा गया है। उम्मीद जताई कि शीघ्र ही टेलीफोन लाइनें ठीक कराई जाएंगी। बताया गया कि 100 के अलावा अन्य नंबर कर्मचारी उठा लेते हैं।