नैनीताल/चोरगलिया/भीमताल/पहाड़पानी/ज्योलीकोट। गर्मी और बढ़ते तापमान के साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। नगर के बिड़ला क्षेत्र के रतन कॉटेज के पास स्थित बांज का जंगल मंगलवार दोपहर अचानक धधक उठा। देखते ही देखते आग आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और फायरब्रिगेड को दी। इस पर तल्लीताल थाने से एसआई मनोज नयाल, कांस्टेबल शिवराज राणा, सुनील कुमार लीडिग फायरमैन राम कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन फायरब्रिगेड में पानी खत्म होते ही आग फिर भड़क गई, इसके बाद स्थानीय लोगों के घरों से पाइप लगाकर और बर्तनों में पानी भरकर आग पर काबू पाया गया। इस दौरान विक्रांत विजय, किशोर और धर्मेंद्र समेत अन्य फायर कर्मी मौजूद थे।
लाखनमंडी (चोरगलिया) के जोगानाली क्षेत्र में सड़क किनारे के जंगल में दोपहर करीब 12 बजे अचानक आग लग गई। तेज हवा के साथ आग की लपटें जोगानाली के रिहायशी इलाके तक जा पहुंची। इसके बाद जोगानाली वन कैंपस के पास तक आग पहुंच गई। यह देख लोग घरों से पानी लेकर आग बुझाने के लिए पहुंचे। चोरगलिया पुलिस एवं वन विभाग के लगभग दो दर्जन जवान आग को काबू करने में जुट गए। तभी कुछ लोगों ने फायरब्रिगेड को सूचना दी। फायरब्रिगेड की मदद से दो घंटे के बाद आग पर काबू पाया गया। जंगल में आग लगने की वजह से चोरगलिया क्षेत्र में सुबह चार से शाम छह बजे तक धुआं छाया रहा, इससे घुटन महसूस की गई।
वहीं, सोमवार की दोपहर जून स्टेट के जंगलों में लगी आग पर मंगलवार को भी काबू नहीं पाया गया। आग से अब तक आठ हेक्टेयर से अधिक जून स्टेट का जंगल जल चुका है। आग जून स्टेट के जंगलों से बढ़ते हुए सातताल के आबादी क्षेत्र में जा पहुंची है। वन विभाग दरोगा किशन भगत ने बताया कि जंगल में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन तेज हवा चलने से आग की लपटें जंगलों में फैल रही है। आग बुझाने में वन पंचायत सरपंच प्रकाश हर्बोला, चेयरमैन देवेंद्र सिंह चनौतिया, अशोक कुमार, जीवन रजवार आदि शामिल रहे। वहीं, सातताल के आबादी क्षेत्र में लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाई। सातताल वासियों ने वन विभाग से फायर सीजन में कर्मचारियों की अधिक से अधिक तैनाती की मांग की है। उधर, ओखलकांडा विकासखंड के ढोलीगांव, सुनाकोट और कचलाकोट के जंगल तीन दिन से धधक रहे हैं। इससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं जंगल के जीव जान बचाने के लिए पास के जंगलों में शरण लेने को मजबूर हैं। कैड़ागांव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक गिरीश पनेरू ने बताया कि आग के तीन दिन से लगातार बढ़ने से गांव के क्षेत्रों में आ रहे धुएं से लोग परेशान हैं। आग की धुंध से गर्मी भी बढ़ गई है।
मनोरा वन रेंज के जंगल मंगलवार को भी जलते रहे। विभाग के कर्मचारी आग बुझाने के लिए दिन भर प्रयासरत रहे लेकिन तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना संभव नही हुआ। दोपहर से पहले मनोरा रेंज के नलेना कंपार्ट में दो जगह आग लग गई। चीड़ के जंगलों वाले इन क्षेत्रों में चीड़ की पत्तियां एवं झाड़ियां तेजी से जलने लगे और आग ने बड़े वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। देर शाम आलूखेत और रानीबाग के जंगलों में भी आग लगने की सूचना पर विभाग ने कर्मचारियों के दलों को भेजा। रेंज अधिकारी एनके जोशी और उप रेंज अधिकारी आनंद लाल ने बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भाबर से पहाड़ तक के जंगलों में धधकी आग, आबादी तक पहुंची
पुलिस, वन और फायरब्रिगेड की घंटों मशक्कत के बाद पाया काबू
आग के धुएं से चोरगलिया वालों को दिनभर घुटन महसूस हुई
जून स्टेट का आठ हेक्टेयर जंगल आग से जला
तीन दिन से धधक रहे हैं ढोलीगांव, सुनाकोट, कचलाकोट के जंगल
मनोरा रेंज के जंगल में लगी आग नहीं बुझी
नवोदय विद्यालय के पास लगी आग फायरब्रिगेड ने बुझाई
गरमपानी (नैनीताल)। सुयालबाड़ी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के पास नाप भूमि में मंगलवार दोपहर अचानक आग लग गई। आग विद्यालय की तरफ बढ़ती देख स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन कार्की ने मौके पर वन कर्मियों को भेजकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग को बढ़ता देख वन क्षेत्राधिकारी ने फायरब्रिगेड को सूचना दी। फायरब्रिगेड कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वन क्षेत्राधिकारी ने स्थानीय लोगों से जंगलों को आग से बचाने का आह्वान किया। इस दौरान फायरब्रिगेड के एएसआई प्रकाश कांडपाल, अवनीश कुमार, हरेंद्र मेहता, जगदीश असवाल, अजय कुमार आदि थे।
झाड़ियों की आग डंपर में लगी
रामनगर (नैनीताल)। कोसी रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माणाधीन पुल के पास झाड़ियों में मंगलवार दोपहर आग लग गई। इससे पास में खड़े डंपर (यूए 05/3535) में भी आग लग गई। फायर स्टेशन अधिकारी किशोर उपाध्याय ने बताया कि मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया।