हल्द्वानी। किशन हत्याकांड के मामले में डीएनए जांच के लिए भाई ने बेस अस्पताल में डॉक्टरों को ब्लड का नमूना दिया। नमूना जांच के लिए देहरादून प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
पुलिस के अनुसार भूड़ाखत्ता निवासी किशन राम उर्फ कल्लू 28 अक्तूबर 15 को घर से कोई काम करने के लिए निकला था। उसके घर न लौटने पर परिजन खोजबीन कर शांत रह गए। अगस्त में एक महिला को चर्चा के दौरान पता चला कि किशन की हत्या कल्लू सिंह पाल और श्याम सिंह ने की थी। दोनों ने शव को टांडा जंगल में छिपा दिया था। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने टांडा जंगल से नरकंकाल बरामद किया। इस मामले में पोस्टमार्टम के दौरान फोरेंसिक जांच की गई। जांच से स्पष्ट हुआ कि कंकाल इंसान का है। उसको करीब तीन साल पहले मारा गया था। इस मामले में अदालत ने पुलिस को डीएनए जांच कराने के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस ने जांच के लिए किशन के भाई बाबूराम को लेकर बेस अस्पताल गई। डॉक्टर ने बाबूराम के ब्लड का सैंपल लिया। इस मुकदमे की विवेचना कोतवाल विक्रम सिंह राठौर कर रहे हैं। नमूने से मिलान के बाद स्पष्ट होगा कि कंकाल किसका था। घटना के दोनों आरोपी जेल में बंद हैं।