कबाड़ के गोदाम में लगी भीषण आग।
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हल्द्वानी। रेलवे स्टेशन के समीप कबाड़ के अवैध गोदाम में शुक्रवार की सुबह आग लग गई। पड़ोसियों से जानकारी मिलने पर कबाड़ व्यवसायी ने अपने परिवार को तीसरी मंजिल से सुरक्षित निकाला। आग बुझाने में अग्निशमन विभाग को नौ घंटे का समय लगा। अग्निकांड से करीब एक करोड़ की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। आग बुझाने में 30 से अधिक गाड़ियों का पानी लगा। घटना का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
रेलवे स्टेशन के सामने ढोलक बस्ती के समीप कबाड़ व्यवसायी रिफाकत हुसैन के तीन मंजिला मकान में नीचे के दो मंजिल में कबाड़ का गोदाम है। इसके अलावा करीब 2000 वर्ग फीट में टिनशेड और मकानों में कबाड़ का सामान रखा हुआ है। शुक्रवार सुबह कबाड़ के गोदाम से धुआं उठते देख दुकानों पर चाय पी रहे लोगों ने व्यवसायी को आवाज देकर जगाया। उस समय व्यवसायी का परिवार तीसरी मंजिल पर सो रहा था। धुएं को देखते ही व्यवसायी रिफाकत और उसके पुत्र सराफत का परिवार नीचे उतारा गया।
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग तीन मंजिला और दो मंजिला भवनों के अलावा टिनशेड के कबाड़ को चपेट में ले चुकी थी। सीओ दिनेश चंद्र ढौढियाल बनभूलपुरा थाने की फोर्स को लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने गाड़ियों की कम संख्या देखकर लालकुआं पेपर मिल से मदद मांगी। दो तरफ से पांच गाड़ियों को आग बुझाने में लगाया गया। अग्निशमन अधिकारी लीलाधर उपाध्याय ने आग को दूसरी तरफ बढ़ने से रोकने में सफलता हासिल की। इस बीच आग रिफाकत के अलावा अफरोज के मकान तक भी पहुंच गई। आग बुझाने में अग्निशमन कर्मचारी जितेंद्र बहादुर के हाथ में चोट लग गई। दमकल कर्मियों को आग बुझाने में सुबह पौने नौ बजे से शाम छह बज गए। हालांकि बीच में करीब एक घंटे तक जमकर बारिश भी हुई। आग की लपटों और क्षति को देखकर व्यवसायी रिफाकत की पत्नी बेहोश हो गई। घटना के चलते पूरा परिवार दिनभर सड़क पर रहा।
धुआं-धुआं हुआ पूरा इलाका, आग बुझाने में कर्मचारी हुआ घायल
फायर ब्रिगेड ने करीब नौ घंटे में पाया आग पर काबू