हल्द्वानी। आम्रपाली संस्थान से होटल मैनेजमेंट कर रहे छात्र ने जहर खाकर जान दे दी। जहर खाने के कारणों का पता नहीं चल सका है। टेंपो में उसकी हालत बिगड़ी तो बेस अस्पताल ले जाया गया था जहां से सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। जवान बेटे की मौत से पिता भी बेहोश हो गए।
बेतालघाट बाजार निवासी दुकानदार गणेश दत्त काठपाल का 18 वर्षीय बेटा हिमांशु कांडपाल आम्रपाली संस्थान में होटल मैनेजमेंट का प्रथम वर्ष का छात्र था और छात्रावास में रहता था। मंगलवार दोपहर वह छात्रावास से बाहर निकला और बाजार जाने के लिए टेंपो में सवार हो गया। कुछ आगे जाने पर उसे उल्टी होने लगी। उसने टेंपो चालक को अस्पताल चलने को कहा। चालक ने उसे बेस अस्पताल तक पहुंचाया। उसने डॉक्टरों को बताया उसने जहरीला पदार्थ खा लिया है। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने छात्रावास के वार्डन से संपर्क किया। इसके बाद हिमांशु को सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। कुछ ही देर में वार्डन और हिमांशु के चाचा नवीन चंद्र कांडपाल भी सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंच गए। देर रात दो बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। रात में ही हिमांशु के पिता गणेश दत्त वहां पहुंचे तो मौत की सूचना पर बेहोश हो गए।
कारण सुबह बताने को कहा था
हिमांशु के चाचा नवीन चंद्र कांडपाल ने बताया कि हिमांशु ऐसा भी कर सकता है, उन्होंने सोचा नहीं था। उसके जहर खाकर जान देने से घर वाले दंग हैं। नवीन के अनुसार उन्होंने मंगलवार शाम हिमांशु से जहर खाने का कारण पूछा था मगर उसने टालते हुए कहा कि वह बुधवार सुबह बताएगा कि क्या तनाव था। उन्होंने भी ठीक होने की उम्मीद से अधिक जानकारी लेने की कोशिश नहीं की। उन्हें क्या पता था कि हिमांशु अगली सुबह नहीं देख पाएगा। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।