रामनगर (नैनीताल)। बहुचर्चित बीडीसी सदस्य वीरेंद्र मनराल उर्फ वीरू हत्याकांड में चार साल दस महीने में आखिरकार इंसाफ हुआ और चाराें दोषियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वीरू के भाई शिव सिंह मनराल बोले न्यायालय ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है यदि उन्हें फांसी की सजा मिलती हो हमें संतुष्टि मिलती।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजाता सिंह ने रामनगर में हुए बीडीसी सदस्य वीरेंद्र मनराल उर्फ वीरू हत्याकांड में चार आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को पचास-पचास हजार रुपये अर्थदंड और अर्थदंड अदा न करने पर छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इस मामले में नैनीताल से लौटते समय फोन पर हुई वार्ता में वीरेंद्र मनराल के बड़े भाई शिव सिंह मनराल ने बताया कि इस दिन का वह लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। चार साल दस महीने बाद आखिरकार न्यायालय ने चाराें दोषियों को सजा सुनाई है। शिव सिंह ने कहा कि वह न्यायालय के फैसले पर खुश है लेकिन चारों दोषियों को फांसी की सजा मिलती तो उन्हें संतुष्टि होती। चारों दोषियों को सजा मिलने पर उनकी मां बसंती देवी ने भी खुशी जताते हुए कहा कि हम चाहते थे कि हमारे बेटे की जान लेने वालों को फांसी की सजा मिलती। शिव सिंह ने कहा कि न्यायालय में अधिवक्ता की ओर से की गई पैरवी की बदौलत दोषियों को सजा हुई है।