नैनीताल। हाईकोर्ट ने गढ़ी कैंट बोर्ड के दो कर्मचारियों के विरुद्ध सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के मामले में एक आरोपी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने पाया कि रिश्वत की मांग कार्यालय अधीक्षक शैलेन्द्र शर्मा ने की थी जबकि पैसा रमन अग्रवाल ने प्राप्त किया था।
न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार वेद गुप्ता ने पिछले साल सितंबर में दो आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई में एफआईआर दर्ज कराई थी। वेद गुप्ता ने 1998 में एक संपत्ति खरीदी थी, लेकिन उस संपत्ति पर उनका नाम दर्ज नहीं हो सका। 30 दिसंबर 2019 को म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया था। इसके लिए कार्यालय अधीक्षक ने रिश्वत की मांग की थी। वह 14 सितंबर 2022 को फिर शैलेन्द्र शर्मा से मिले, जिन्होंने उन्हें टैक्स क्लर्क रमन अग्रवाल से मिलने के लिए कहा। रमन अग्रवाल को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।