हल्द्वानी। भीषण गर्मी और बारिश न होने का नुकसान खेती-किसानी पर पड़ने लगा है। भाबर के खेत तपने और नमी गायब होने से आम, लीची, कटहल के फलों का आकार छोटा हो गया है। भिंडी की फसल में झुलसा रोग लगने लगा है। किसानों का कहना है कि जल्द बारिश नहीं हुई तो उपज प्रभावित होने के कारण किसानों को नुकसान होगा।
गौलापार में ही 12 ग्राम सभाएं हैं। एक ग्राम सभा में नौ राजस्व गांव आते हैं और प्रत्येक गांव में करीब 90 एकड़ जमीन में खेती होती है। इस समय यहां बड़ी क्षेत्रफल में मक्के की फसल बोई है लेकिन खेत में नमी न होने से बीज जम नहीं पाया है। किसान नीरज रैक्वाल ने बताया कि चार एकड़ में मक्के की फसल लगाई है लेकिन जमाव नहीं हो रहा है। भिंडी में झुलसा रोग आ गया है। इस समय खेतों में बीज तो डाल दिए हैं लेकिन बारिश नहीं हुई तो पैदावार प्रभावित हो जाएगी। प्रगतिशील किसान नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस समय लंगड़ा आम जिसका साइज 300 ग्राम होता था वह डेढ़ से दौ सौ ग्राम में सिमट गया है। लीची में मिठास नहीं है और कटहल के फल का आकार भी छोटा रह गया है।
यहां सिंचाई के साधन बारिश पर आधारित हैं। बारिश न होने से नहरों में भी पानी नहीं है। समय पर बारिश नहीं हुई तो फसलों के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
-डॉ. विकेश यादव, मुख्य कृषि अधिकारी