रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को बाघों की राजधानी ऐसे ही नहीं कहा जाता है, दरअसल देश में 53 टाइगर रिजर्व है और कॉर्बेट पार्क में 260 बाघ रिकॉर्ड हुए है। बाघों के बेहतर संरक्षण का नतीजा है कि यहां बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
एनटीसीए की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में इस बार 260 बाघ रिकॉर्ड हुए। पिछली गणना में बाघों की संख्या 231 थी। हालांकि अब 319 बाघ रिकॉर्ड हुए, लेकिन इन बाघों का रामनगर वन प्रभाग, तराई वन प्रभाग में आना-जाना रहता है। ऐसे में कॉर्बेट पार्क में केवल 260 बाघों को ही चिह्नित किया गया है। राजाजी पार्क में 54, पीलीभीत में 63, दुधवा में 135 आदि टाइगर रिजर्व रहे। कॉर्बेट पार्क में सबसे ज्यादा बाघ है, ऐसे में यहां बाघ बढ़ने के साथ ही चुनौतियां भी काफी है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को पार्क प्रशासन की ओर से लिविंग विद टाइगर और लैपर्ड चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत स्थानीय जनता को जागरूक किया जा रहा है कि वह इस तरह वन्यजीवों के साथ रह सके। कॉर्बेट पार्क निदेशक डा. धीरज पांडेय ने बताया कि बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है और इस बार 260 बाघ चिन्हित हुए है। यह सभी के प्रयासों से परिणाम है।
सर्वाधिक बाघों वाले राज्य
राज्य संख्या
मध्य प्रदेश 785
कर्नाटक 563
उत्तराखंड 560
महाराष्ट्र 444
तमिलनाडु 306
नार्थ ईस्ट, ब्रह्मपुत्र 236
असोम 227
केरल 213
उत्तर प्रदेश 205