फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haldwani: महिला उत्पीड़न के खिलाफ कांग्रेसियों का मौन व्रत, कहा- बेटियों को सुरक्षा देने में सरकार नाकाम

Mon, 19 Aug 2024 05:38 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

महिलाओं में बढ़ रहे अत्याचार को लेकर कांग्रेसियों ने हल्द्वानी के आंबेडकर पार्क में मौन व्रत रखा। कांग्रेसियों ने सरकार से महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
विज्ञापन
महिला उत्पीड़न के खिलाफ कांग्रेसियों का मौन व्रत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 

उत्तराखंड में महिलाओं में बढ़ रहे अत्याचार को लेकर कांग्रेसियों ने हल्द्वानी के आंबेडकर पार्क में मौन व्रत रखा। कांग्रेसियों ने सरकार से महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। साथ ही रक्षाबंधन के पर्व पर महिला सुरक्षा करने का संकल्प भी लिया। मंगलपड़ाव स्थित आंबेडकर पार्क में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में सोमवार को सैकड़ों कांग्रेसी एकत्र हुए। कांग्रेसियों ने महिला अत्याचार के खिलाफ मौन व्रत रखा।

मौन उपवास के के बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि महिलाओं और बेटियों के ऊपर दिन प्रतिदिन बढ़ते अत्याचारों से देवभूमि कलंकित हो रही है। कानून और न्याय प्रक्रिया को राजनीति से परे रखने की जरूरत है। भयमुक्त सरकार के अपने वायदे पर अमल करने में राज्य की भाजपा सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा की राज्य सरकार के कार्यकाल में आए दिन महिलाओं के प्रति अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। महिलाओं को सुरक्षा देने में प्रदेश सरकार नाकाम रही है। रुद्रपुर में दुष्कर्म के बाद नर्स की हत्या, देहरादून में पुलिस चौकी से सटे आईएसबीटी परिसर में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदातें सीधे पुलिस की लचर कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही हैं।

विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि बेटियों पर बढ़ रहे अत्याचारों से उत्तराखंड के लोगों का सर शर्म से झुका हुआ है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर हम सब कांग्रेसी उत्तराखंड की हर एक माता, बहन और बेटी की सुरक्षा का संकल्प लेते हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिम्वाल ने कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान से संबंधित जिम्मेदारियों को हम सबको समझना होगा और ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद बिष्ट ने कहा कि महिला सुरक्षा राष्ट्रीय अस्मिता का मामला होना चाहिए।

इस दौरान महिला पीसीसी सदस्य सतीश नैनवाल, हरीश मेहता, हेमंत बगडवाल, अखिल भंडारी, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, भोला भट्ट, नंदन दुर्गापाल, योगेश जोशी, ललित जोशी, हाजी सुहैल सिद्दीकी, मलय बिष्ट, जगमोहन चिलवाल, जया कर्नाटक, विमला सांगुड़ी, संध्या डालाकोटी, राधा आर्य, कमला सनवाल, दया बमेठा, प्रीति आर्य आदि रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें