हल्द्वानी। शहर में बढ़ रहे वाहनों के दबाव से निपटने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) शुरू करने की योजना है। इसमें सेंसर आधारित ट्रैफिक लाइट से लेकर कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। इस सेंटर के माध्यम से यातायात को व्यवस्थित किया जाएगा।
नगर निगम की सीमा का विस्तार हुआ है। इसके अलावा वाहनों की संख्या बढ़ रही है। पर्यटन सीजन में बाहर से हजारों की संख्या में वाहन पहुंचते हैं। इसके चलते जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इससे निपटने के लिए आईटीएमएस के तहत तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। इसके तहत शहर के 14 जंक्शन प्वाइंट पर सेंसर आधारित ट्रैफिक लाइट लगाई जाएगी।
अभी जो ट्रैफिक लाइट लगी हैं, वे पहले से सेट किए गए समय पर जलती-बुझती हैं, उसी से ट्रैफिक संचालित होता है। सेंसर आधारित तकनीक में ऐसा नहीं है। मौके पर लगी वाहनों की संख्या के हिसाब से इसका समय स्वत: ही कम-ज्यादा हो जाएगा। जिस तरफ वाहनों की संख्या ज्यादा होगी, वहां का सिग्नल देगी।
400 सीसीटीवी लगाए जाएंगे
हल्द्वानी। यातायात पर नजर रखने के लिए पूरे शहर में 400 सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इससें हर जगह के बारे में अधिकारियों को पता होगा। अगर कोई समस्या आ रही है तो तत्काल कदम उठाए जा सकेंगे। योजना के तहत प्रस्तावित बहुउद्देश्यीय भवन में एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा, इससे हर चीज पर नजर रखी जा सकेगी। यहां से पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम भी संचालित होगा, जो चौराहे पर आगे जाम की स्थिति या कोई रूट डायवर्जन समेत अन्य जानकारी प्रसारित हो सकेगी। इसके अलावा आपदा के संबंध में कोई भी जानकारी दी जा सकेगी। इस योजना को लेकर हाल में डीएम की अध्यक्षता में एक बैठक भी हुई है।
आंकड़े एकत्र करने और योजना बनाने में मदद
हल्द्वानी। आईटीएमएस के माध्यम से वाहनों का दबाव बढ़ने का दिन, समय, वाहनों की संख्या से जुड़े अन्य डेटा एकत्र करने में भी मदद मिलेगी जिससे भविष्य में उसका इस्तेमाल ट्रैफिक मैनेजमेंट करने में किया जा सकेगा। प्रस्तावित कमांड कंट्रोल सेंटर को यातायात पुलिस के माध्यम से संचालित करने की योजना है।
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इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की डीपीआर बनाई गई है। इसमें एडीबी ने कुछ सुझाव दिए हैं जिसको डीपीआर में शामिल कर अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके बाद डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। वहां से अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्यवाही होगी। आईटीएमएस सिस्टम राज्य में देहरादून में लागू है। यहां पर बनने से बेहतर ढंग से यातायात संचालन हो सकेगा। इस योजना की सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद छह महीने के अंदर काम शुरू होने की संभावना रहेगी।
- कुलदीप कुमार, परियोजना प्रबंधक, यूयूएसडीए।
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हल्द्वानी में प्रतिदिन एक लाख वाहनों का आवागमन होता है। ट्रैफिक सर्वे में आया है कि करीब 40 प्रतिशत वाहनों का आवागमन शहर से बाहर जाने के उद्देश्य से होता है। आईटीएमएस पूर्णत: स्वचालित होगा। इसके तहत रेड लाइट वायलेशन कैमरा, आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरा आदि लगेंगे। इस व्यवस्था से नियम तोड़ने वालों का आटोमैटिक ऑनलाइन चालान किया जा सकेगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में सहायता मिलेगी। -वंदना, डीएम नैनीताल।
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लोक निर्माण विभाग ने डेटा किया था एकत्र
लोक निर्माण विभाग ने बीते दिनों वाहनों के दबाव को लेकर एक अध्ययन कराया था। इसमें पीक आवर्स में वाहनों के संचालन का डेटा एकत्र किया था।
चौराहा पीक आवर्स वाहन गुजरते हैं
कालाढूंगी सुबह 9 से 10 बजे तक 3718
देवलचौड़ सुबह 10 से 11 बजे तक 3883
तिकोनिया सुबह 12 से 1 बजे तक 4694
मुखानी दोपहर 12 से 1 बजे तक 6452
लालडांठ दोपहर 1 से 2 बजे तक 6518
कुसुमखेड़ा दोपहर 1 से 2 बजे तक 4282
अग्रसेन चौक दोपहर 1 से 2 बजे तक 3713
मंडी दोपहर 2 से 3 बजे तक 3840