हल्द्वानी। नीलांचल कॉलोनी में आयोजित पांच दिवसीय बाल लेखन कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। बाल प्रहरी, भारत ज्ञान विज्ञान समिति और क्रिएटिव उत्तराखंड की ओर से किताब कौतिक का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने बाल प्रहरी, बाल भारती और किशोरी स्वर की हस्तलिखित पुस्तकें तैयार की। मुख्य अतिथि डॉ. दीपा कांडपाल ने इन पुस्तकों और दीक्षा जोशी व मंजू पांडे ने संपादित दीवार पत्रिकाओं का लोकार्पण किया। बच्चों ने अखबार से बने ओरिगामी मुकुट को पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया। बाल कवि सम्मेलन में अनुज सैनी, गुलफिजा, भूमिका, बबली और मान्यता ने स्वच्छता अभियान व भोजन की बर्बादी के विषय पर कविताएं सुनाईं। उदय किरौला के निर्देशन में बच्चों ने मोबाइल टन टना टन टन नाटक के माध्यम से मोबाइल संस्कृति पर टिप्पणी की। वहां नीरज पंत, विनोद कुमार हर्बोला, ललिता कापड़ी, मंजू पांडे, जगमोहन रौतेला आदि मौजूद रहे।