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सेहत से खिलवाड़: स्लोगन लिखते हैं ग्राहक हमारा देवता, परोसते हैं दूषित खाद्य पदार्थ; नहीं होती कोई कार्रवाई

Fri, 11 Apr 2025 12:25 PM IST
हीरा मेहरा चंद्रेश पांडेय, अमर उजाला

सार

नैनीताल जिले में अतिथियों (ग्राहकों) को दूषित खाद्य पदार्थ परोसने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पर्यटक नगरी के रूप में विख्यात नैनीताल जिले में एक के बाद एक ऐसे मामलों के पकड़ में आने के बावजूद दोषियों के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। 
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मेस में भोजन में मिले कीड़े - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जहां अतिथि को देवता का रूप माना जाता हो और दुकानों में ग्राहक हमारा देवता जैसे स्लोगन लिखते हों, उसी जिले में अतिथियों (ग्राहकों) को दूषित खाद्य पदार्थ परोसने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पर्यटक नगरी के रूप में विख्यात नैनीताल जिले में एक के बाद एक ऐसे मामलों के पकड़ में आने के बावजूद दोषियों के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। विभाग कार्रवाई के नाम पर दुकानों का लाइसेंस कुछ दिनों के लिए निलंबित करने तक ही सीमित है।

वर्ष 2024-25 में नैनीताल में दो और हल्द्वानी चार ऐसे मामले उजागर हुए हैं। जहां समोसे बनाने से पहले पैरों से आलू की धुलाई होती मिली या फिर तलने के लिए ले जाए जा रहे समोसे चूहों के खाए मिले। लंबे समय से मिठाई और खाद्य पदार्थों की दुकानों में ग्राहकों को अंधेरे में रख दूषित खाद्य पदार्थ परोसे जा रहे हैं। अधिकांश ऐसे मामले अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान जगजाहिर हुए हैं। जानकारों का कहना है कि यदि खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से नियमित रूप से होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों समेत अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों पर छापे मारे जाएं हालात इससे भी कहीं अधिक बदतर मिलेंगे।

केस-1

13 जनवरी को एमबी इंटर कॉलेज के समीप एक रेस्टोरेंट में समोसे तैयार करने से पहले उसके लिए पैरों से आलू धोने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दुकान का एक कारीगर आलू उबालने से पहले बड़े भगोने में भरे आलू की मिट्टी पैरों से साफ करता दिख रहा था। रेस्टोरेंट के बाहर से गुजर रहे एक व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल किया तो लोगों को पता चला कि जिस दुकान के समोसों को वह बड़े चाव से खाते हैं, उसके लिए आलू की धुलाई पैरों से होती है। जानकारी होने के बाद कार्रवाई के नाम पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस दुकान का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया था। तय समय बाद दुकान फिर से खुल गई।

केस-2

नौ जनवरी को नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में एक नामी गिरामी रेस्टोरेंट में प्रशासन की टीम को बेतहाशा गंदगी मिली थी। कार्रवाई के नाम पर अधिकारियों ने दुकान संचालक को फटकार ही लगाई थी। गंदगी मिलने के बावजूद यह रेस्टोरेंट बदस्तूर संचालित होता रहा।

केस-3

इसी साल मार्च में आयुक्त दीपक रावत ने नैनीताल के एक रेस्टोरेंट में छापा मारा तो उन्हें वहां किचन में कॉकरोच और गंदगी मिली थी। एक अन्य रेस्टोरेंट में ग्राहक को बदबूदार बिरयानी परोसने की शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा तो किचन में अधिकांश प्लेट गंदी मिली थीं और किचन में कॉकरोच मंडराते मिले थे। यहां भी कार्रवाई के नाम पर विभाग ने केवल चालान किया।

केस -4

बुधवार को नगर आयुक्त ऋचा सिंह को निरीक्षण के दौरान रामपुर रोड स्थित लक्ष्मी टॉकीज के पास जायसवाल स्वीट्स की तीन दुकानों में न केवल गंदगी मिली, बल्कि वहां रसगुल्लों पर कॉकरोच मंडराते नजर आए और तलने से लिए ले जाए जाने वाले समोसे चूहों के खाए मिले। कार्रवाई के नाम पर विभाग ने यहां भी दुकानों का लाइसेंस निलंबित किया। कहा गया कि नगर निगम से एनओसी मिलने के बाद दुकानदार फिर से दुकान खोल सकेंगे।

ऐसे मामले पकड़ में आने पर नियमानुसार दुकान का लाइसेंस निरस्त किया जाता है। इसके अलावा ऐसे मामलों में सैंपल लिए जाते हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। ऐसे मामलों की सुनवाई एडीएम कोर्ट में होती है। दोष साबित होने पर दोषी पर जुर्माना लगाने के साथ साथ दंड का भी प्रावधान है। विभाग ऐसे मामलों पर विभागीय नियमों के तहत ही कार्रवाई करता है। -अभय सिंह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नैनीताल।

 

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