रामनगर (नैनीताल)। ज्वालावन में लकड़ी की लॉट से लूटपाट के मामले में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ ने ज्वालावन क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वन निगम के अधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया था लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
सोमवार को ज्वालावन क्षेत्र से तस्कर लकड़ियां लूटकर ले गए थे। सूचना पर पुलिस और वन विभाग ने लकड़ियों को गोबरा गांव से बरामद कर लिया था। बरामद लकड़ियाें को ज्वालावन वन चौकी परिसर में रखा गया है। लूट प्रकरण में डीएफओ की ओर से वन निगम पर 30 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। मंगलवार को डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने जांच पड़ताल के लिए वन निगम के अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाया था लेकिन संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे। बाद में डीएफओ ज्वालावन क्षेत्र में जांच पड़ताल के लिए पहुंचे। निरीक्षण के दौरान डीएफओ ने बरामद हुई लकड़ी की नपत कराई। डीएफओ ने बताया कि वन निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह घटना हुई है। ऐसे में जांच पड़ताल कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि अब तक वन निगम से तहरीर नहीं मिली है। मामले में वन निगम के आरएम हरीश पाल का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी।