बेतालघाट (नैनीताल)। बेतालघाट महोत्सव के अंतिम दिन लोक गायकों के कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों की धुन के साथ महोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। रविवार को लोकगायक राकेश खनवाल ने 'क्रीम पौडरा घिसने किले ने...' की गीत पर प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया।
रविवार को महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय, विधायक सरिता आर्या, पूर्व सांसद बलराज पासी और हाईकोर्ट के मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने किया। विधायक अरविंद पांडेय ने कहा कि इस तरह के महोत्सव से कुमाऊंनी संस्कृति को जीवित किया जा सकता है। पूर्व सांसद बलराज पासी ने कहा कि समिति की ओर से आयोजित महोत्सव की सराहना कर भविष्य में भी ऐसे ही आयोजन कराने को कहा।
महोत्सव में अमर उजाला मीडिया सहयोगी की भूमिका निभाने पर समिति के पदाधिकारियों ने अमर उजाला का आभार जताया। पदाधिकारियों की ओर से अतिथियों को सम्मानित किया गया। संचालन हेमंत बिष्ट, शंकर जोशी, राजेंद्र पांडे ने किया।
इस दौरान संयोजक सुरेंद्र हल्सी, शंकर जोशी, इंदर रावत, तारा भंडारी, नंद किशोर, दलीप सिंह, हरीश चंद्र, राजेंद्र पांडे, चंपा जलाल, जानकी लोहिया, विमला उप्रेती, भागवती देवी, माया बोहरा, भागीरथी वर्मा, मोहिनी पंत, मनोज नयाल आदि मौजूद रहे।
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दूरदराज के ग्रामीणों ने की खरीदारी
महोत्सव में आयोजित मेले में दूरदराज के ग्रामीण महिलाओं ने पहुंचकर घरों की सामग्री की। साथ ही बच्चों ने झूले में सैर करने के साथ ऊंट की सवारी का लुत्फ उठाया। वहीं मेले में पहाड़ी व्यंजनों के साथ पहाड़ी उत्पादों की ब्रिकी हुई।
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'लाली हो लाली पधाने लाली तुला धरा बोला...'
महोत्सव में लोक गायक राकेश खनवाल ने 'क्रीम पौडरा घिसने किले ने...' के गीत की प्रस्तुति, लोक गायक गोविंद दिगारी ने 'लाली हो लाली पधाने लाली तुला धरा बोला...' लोक गायिका कौशल पांडे 'उत्तराखंड मेरी मातृभूमि, मायर मोहना तुम बड़ी मायादार छा...' और इंदर आर्य ने 'मेरो लहंगा के भोलो लागिरो...' और लोक गायक मुकेश कुमार 'चरखी में न बैठ... ' के गीतों में सुंदर प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। स्थानीय लोक गायकों ने भी सुंदर प्रस्तुति दी।