हल्द्वानी। केंद्र सरकार ने आयकर छूट सीमा बढ़ाई है, इससे मध्यम वर्ग से लेकर पेंशनर तक को राहत मिलेगी। चार्टर्ड अकाउंटेंट के अनुसार बजट में टैक्स जमा करने के लिए नई व्यवस्था की गई है, इसके अलावा पुरानी व्यवस्था को भी खत्म नहीं किया गया है। ऐसे में किस व्यवस्था के तहत आयकर रिटर्न भरना है उसे आयकर दाता को सभी पहलू को समझना होगा। जो बजट में घोषणा हुई वह डिफाल्ट सिस्टम है, अगर आयकरदाता पुरानी व्यवस्था ही चाहते हैं तो उसका विकल्प देना होगा।
आयकर विशेषज्ञों के अनुसार, कुमाऊं में करीब ढाई लाख ऐसे कर्मचारी हैं जिनकी मासिक आय 50 हजार से कम है। इन्हें सीधे तौर छूट का लाभ मिल सकेगा। कुमाऊं में करीब साढ़े तीन लाख आयकर दाता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज कबड़वाल कहते हैं कि इस बजट में कई साल बाद लोगों को आयकर में छूट दिखाई दी है। इसके साथ ही नई व्यवस्था लागू की गई है जिसमेें सात लाख तक आय पर कोई भी टैक्स नहीं देना होगा। सात लाख से एक रुपया बढ़ते ही टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। इस व्यवस्था से कुमाऊं में करीब ढाई लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा कई पेंशनर और स्वरोजगार करने वाले भी छूट के दायरे में आ जाएंगे। अगर आय तीन लाख रुपये तक है और व्यक्ति आइटीआर फाइल नहीं करता है तो उस पर किसी तरह की पेनाल्टी नहीं लगेगी। पर अगर व्यक्ति पुरानी व्यवस्था के तहत 80 सी छूट का लाभ हाउंसिंग लोन, पीएफ जमा करना आदि लेता रहा है और वह उसी व्यवस्था को चाहता है तो संबंधित आयकरदाता को विकल्प देना होगा।
चार्टर्ड अकाउंटेंट सरोज आनंद जोशी कहते हैं कि बजट 2023 में सरकार ने नए टैक्स स्लैब में सात लाख तक की कुल आय पर किसी तरह से टैक्स झंझट से मुक्ति है। हालांकि सात लाख से ऊपर आय वाले 10 प्रतिशत के स्लैब में आएंगे। बजट को लेकर आयकर अधिवक्ता एनके जोशी का कहना है कि 3 करोड़ तक के टर्नओवर वाले एमएसएमई को कर में छूट दी गई है। बजट में व्यक्तिगत आयकर में 5 स्लैब बनाए गए हैं। अब सात लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। स्टार्टअप को आयकर में छूट दी गई है। बुजुर्गों के लिए बचत योजना बढ़ाई गई है।
आयकर अधिवक्ता मजहर अली ने बताया कि पिछले नौ साल से इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया था। नया टैक्स सिस्टम ही डिफाल्ट सिस्टम होगा, हालांकि लोग पुराने सिस्टम का भी इस्तेमाल कर पाएंगे।
आयकर अधिवक्ता एनके जोशी का कहना है कि तीन करोड़ तक के टर्नओवर वाले एमएसएमई को कर में छूट दी गई है। बजट में व्यक्तिगत आयकर में पांच स्लैब बनाए गए हैं। अब सात लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। स्टार्टअप को आयकर में छूट दी गई है। बुजुर्गों के लिए बचत योजना बढ़ाई गई है।
कुमाऊं में सैकड़ों मामलों के निपटने की उम्मीद
हल्द्वानी। बजट में विवाद से विश्वास योजना का जिक्त्रस् किया गया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज कबड़वाल कहते हैं कि यह योजना पूर्व में आयी थी, इसमें आयकर देयता समेत जो भी मामले थे, उनका एक प्रक्त्रिस्या के तहत निपटारा किया जाता है। अभी डिटेल आना बाकी हैए पर लगता है कि यह विवाद से विश्वास से योजना-2 हो सकती है। कुमाऊं में करीब 300 सीए हैं। अगर एक सीए के पास औसतन दस से पंद्रह मामले आते हैं तो करीब पांच हजार ऐसे मामलों का जल्द हल निकल सकेगा।