नैनीताल हाईकोर्ट ने गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से बीएसएम रुड़की कॉलेज की संबद्धता समाप्त करने के आदेश पर रोक लगा दी है। इस मामले में गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्य सरकार और केंद्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बीएसएम कॉलेज प्रबंधन रुड़की की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से बीएसएम कॉलेज सहित प्रदेश के नौ अन्य कालेजों की सम्बद्धता समाप्त कर दी गई है।
इसमें देहरादून सहित हरिद्वार के कई बड़े कॉलेज भी शामिल हैं। कॉलेज के नाम विश्वविद्यालय की बेबसाइट से हटाने के आदेश भी दे दिए है। इसकी वजह से हजारों बच्चों के भविष्य पर खतरा उत्पन्न हो गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय ने किसी कॉलेज का पक्ष नहीं सुना और न ही नियमावली का अवलोकन किया।